भोपाल

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Danik Bhaskar

Nov 21, 2017, 06:28 PM IST

भोपाल। राजधानी में रहने वाली एक महिला ने इंदौर सीआईडी में पदस्थ डीएसपी पर 12 साल तक शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि, साल 2005 में डीएसपी पवन मिश्रा ने उनकी मांग में सिंदूर भरकर उन्हें पत्नी होने का हक दिया था। लेकिन, उनके परिवार को जैसे ही इस बारे में पता लगा, उन्होंने मेलजोल कम कर दिया। हालही ही में जब महिला ने उनसे पत्नी का हक मांगा, तो डीएसपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में महिला ने मंगलवार को महिला थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।


महिला ने सुनाई आपबीती...

2005 में मैं किसी कि शिकायत के संबंध में हबीबगंज थाने टीआई के संपर्क में आई थी। तब से हमारे बीच मेल मिलाप शुरू हो गया और बढ़ते-बढ़ते घनिष्ठता और अंतरंगता में बदल गया। उन्होंने मेरे परिवार के बारे में जाना मेरे साथ मेरा डेढ़ महीने का बच्चा भी था। तभी उन्होंने ईश्वर को साक्षी मान मेरी मांग में सिंदूर भर के मुझे पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसके बाद वो मेरे से अक्सर मिलते रहते थे। कुछ दिन बाद जब उनका ट्रांसफर इंदौर हो गया तो वो मुझे वहां मिलने बुलाने लगे। जब भी उनकी नाइट डयूटी होती थी तो वो मुझसे होटल कंचन तिलक में मिलते थे। ऐसे ही हमारे बीच सिलसिला चलता रहा।

रिटायरमेंट के बाद शादी करने का झांसा

मैं उन्हें शादी के लिए हर समय जोर देती रही, लेकिन उनका कहना था रिटायरमेंट के बाद शादी कर लूंगा अभी रुक जाओ। जब तक मेरी लड़की की भी शादी हो जाएगी। मार्च 2016 में इनकी पत्नी को हमारे संबंध के बारे में पता चल गया, जिसके बाद से वो हमसे रोज ही बुरा बर्ताव करने लगे, मुझे पहचानने से भी इनकार करने लगे। अब वो मुझे और मेरे बच्चे को जान से मारने की धमकी देते रहे।

केस वापस नहीं लिया तो 10 केस लगवा दूंगा

दिसम्बर 2016 को डीएसपी मेरे भोपाल स्थित घर पर अपने साले के साथ आए और मोहल्ले वालों को इकट्ठा कर मेरे साथ मारपीट की और धमकाया कि 'अगर तूने केस वापस नहीं लिया तो 10 झूठे केस में फंसवा दूंगा।' पत्नी को पता चल जाने के बाद जब मैंने उनकी शिकायत महिला थाने में की तो उन्होंने मेरे से जून 2016 से जून 2017 के बीच दोबारा संबंध मधुर कर लिए और महिला थाने जाकर एप्लीकेशन देने को कहा। उन्होंने कहा कि थाने जाकर एक एप्लीकेशन दे दो कि अगर वो मेरे से पहले जैसे रिश्ता निभाते है तो उनकी ऊपर कोई कार्यवाही ना की जाए। मैं उनके बहकावे में आ गई और मैंने एप्लीकेशन दे दी। इन डेढ़ सालों में मैंने डीजीपी ऋषि शुक्ला, डीआईजी संतोष सिंह, एसपी सिध्दार्थ बहुगुणा महिला थान टीआई शिखा बैस समेत पुलिस अधिकारियों से न्याय की मांग की, लेकिन न्याय नहीं मिला। (जैसा की पीड़ित महिला ने मीडिया को बताया)


पत्नी का हक चाहिए

-महिला ने आगे कहा उनके परिवार वालों को सीएसपी के बारे में पता था वे जानते थे कि वो उनकी बेटी एवं उसके बच्चे का अच्छे से ध्यान रखेंगे। उनका कहना मुझे सिर्फ पत्नी होने का हक चाहिए।

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