Hindi News »Madhya Pradesh News »Bhopal News» Workers Did Not Burst Crackers, Then The Person Ate Leopard

वनकर्मियों ने फोड़े पटाखे तो बची इस व्यक्ति की जान, सुनाई आपबीती

वनकर्मियों ने फोड़े पटाखे तो बची इस व्यक्ति की जान, सुनाई आपबीती

Amitabh Bhudolia | Last Modified - Nov 16, 2017, 12:12 PM IST

भोपाल। सीहोर जिले के बुदनी क्षेत्र के जंगल में घूम रहे बाघ ने पिछले 24 दिनों में 2 बच्चों का शिकार कर चुका है। बाघ के हमलों को झेल रहे ग्रामीणों को अब तेंदुए का डर भी सता रहा है। बुधवार को लकड़ी बीनने गए एक व्यक्ति पर तेंदुए ने पीछे से हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर वहां काम कर रहे रेलवे के गैंगमैन और वनकर्मियों ने पटाखे फोड़े, जिससे तेंदुआ झाड़ियों में कूदकर भाग गया। यदि ये लोग मौके पर मौजूद नहीं होते तो 40 वर्षीय शेख शकील पुत्र शेख फरीद भी तेंदुए का शिकार हो जाता।

क्यों जाना पड़ता है जंगल...
खास बात यह है कि शकील के घर भी गैस कनेक्शन नहीं है जबकि उसके पास बीपीएल का राशनकार्ड है। गैस कनेक्शन नहीं होने के कारण हर रोज बड़ी संख्या में लोग लकड़ी लाने के लिए जंगल में जा रहे हैं। होशंगाबाद के दशहरा बाजार के पास मछली बाजार निवासी शेख शकील ट्रेन से जलाऊ लकड़ी लेने के लिए मिडघाट गया था। सुबह करीब 9.30 बजे जब वह जंगल में लकड़ियां काट रहा था, तभी वहां झाड़ियों से निकलकर तेंदुआ उसके सामने आ गया। शकील के चिल्लाने की आवाज सुनकर वन विभाग के कर्मचारी और गैंगमैन शोरगुल करते हुए पटाखे फोड़ने लगे। इस तरह उसकी जान बच गई। घटना मिडघाट रेल्वे स्टेशन के ठीक पीछे की है।


बड़ा सा जानवर पीछे आया... सुनाई अापबीती
जब मैं लकड़ियां काट रहा था, तभी बड़ा सा जानवर अचानक झाड़ियों से निकलकर बड़ी से पत्थर पर आकर बैठ गया और जीभ निकल ली। जैसे ही मैं पीछे हुआ बड़ा से जानवर मेरी ओर आने लगा। मैं घबरा गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि बचाओ-बचाओ। तभी वहां काम करने वाले लोग शोक करते हुए आए और पटाखे फोड़ने लगे। उनकी आवाज से वो जानवर झाड़ियों में कूदकर भाग गया। अगर ये लोग नहीं आते तो वो मुझे खा जाता। बड़ा सा जानवर था पीले रंग का। जिस पर काले-काले धब्बे थे।


चारों बाघों को बेहोश करने मांगी है अनुमति
वन विभाग के एसडीओ मनोज भदौरिया ने बताया कि बाघों के हमले से जनहानि और पशुहानि को देखते हुए उच्च अधिकारियों को बाघ को ट्रेंक्युलाइज करने के लिए पत्र लिखा है। इसके लिए दिल्ली से परमिशन लेनी होती है। तब बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। चारों बाघ अपनी टेरेटरी में हैं। उनकी निगरानी के लिए कैमरे भी लगाए हैं। निगरानी दस्ता भी लगा दिया है। मिडघाट में बफर जोन होने के कारण बाघों का आना-जाना रहता है।


कलेक्टर पहुंचे छानबीन करने जंगल
बुधवार को कलेक्टर तरुण कुमार पिथौडे बुदनी क्षेत्र के वन गांव खांडाबड़ पहुंचे और लोगों से बात की। उन्होंने ग्रामीणों को अपने मवेशी चराने के लिए जंगल में न जाने के लिए कहा। उन्होंने ग्रामीणों को सात दिनों में गैस कनेक्शन देने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bhopal

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×