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  • Celebration in BJP office after Kamal Nath's resignation; Shivraj said the party leadership will follow what they say

मध्य प्रदेश / कमलनाथ के इस्तीफे के बाद भाजपा दफ्तर में जश्न; शिवराज ने कहा- पार्टी नेतृत्व जो कहेगा, उसी पर चलेंगे

भाजपा प्रदेश कार्यालय में नेताओं ने मनाया जश्न। भाजपा प्रदेश कार्यालय में नेताओं ने मनाया जश्न।
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और शिवराज सिंह चौहान ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और शिवराज सिंह चौहान ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
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भाजपा प्रदेश कार्यालय में नेताओं ने मनाया जश्न।भाजपा प्रदेश कार्यालय में नेताओं ने मनाया जश्न।
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और शिवराज सिंह चौहान ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और शिवराज सिंह चौहान ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।

  • भाजपा कार्यालय में जमकर आतिशबाजी और जश्न, नेताओं ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई 
  • भाजा नेताओं ने कहा- भाजपा के कारण नहीं, अपने बोझ और अंतर्विरोधों से गिरी कमलनाथ सरकार 

दैनिक भास्कर

Mar 20, 2020, 05:26 PM IST

भोपाल. कमलनाथ सरकार के इस्तीफे के बाद भाजपा विधायक विधानसभा पहुंचे। यहां पर उपस्थिति दर्ज कराने के बाद बसों से विधायकों को भाजपा के प्रदेश कार्यालय ले जाया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां पर भाजपा नेता और विधायकों का ढोल-तासे और आतिशबाजी से जोरदार स्वागत किया। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवराज सिंह चौहान ने कहा- भाजपा अगर चाहती, तो दिसम्बर 2018 में भी सरकार बना सकती थी, लेकिन हमने फैसला किया कि कांग्रेस सरकार बनाए और चलाए। मीडिया के लोग जब पूछते थे, तो हम कहते थे कि भाजपा अपनी तरफ से सरकार गिराने का प्रयास नहीं करेगी, लेकिन अगर ये सरकार अपने अंतिर्विरोधों के कारण गिर जाए, कांग्रेस के मित्र ही अगर संतुष्ट न रह पाएं, तो हम कुछ नहीं कर सकते। कमलनाथ सरकार के सवा साल के कार्यकाल में जनता ने भी यह महसूस किया कि हमारा प्रदेश बर्बाद हो गया है। स्थिति इतनी विस्फोटक हो गई कि कांग्रेस के मित्र ही प्रदेश की बदहाली देखकर नाराज हो गए। कमलनाथ जी तो मुख्यमंत्री थे, लेकिन उनके पीछे से काम कर रहे दिग्विजय सिंह के कारण ही ऐसी स्थितियां बन गईं कि सरकार गिर गई।
  

कोरोना को समाप्त करने के लिए लगाएं जनता कर्फ्यू: शिवराज 
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 22 मार्च को 'जनता कर्फ्यू' का आह्वान किया है। इसलिए सभी लोग सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक स्वेच्छा से अपने घरों में रहें। चौहान ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी के आह्वान को सारी दुनिया ध्यान से सुनती है। उनके आह्वान को शिरोधार्य करते हुए मेरा सभी से आग्रह है कि कोरोना को समाप्त करने में सहयोग करें और जनता कर्फ्यू को लागू करें। 

विधानसभा के बाद सभी विधायकों को भाजपा दफ्तर ले जाया गया। 

कांग्रेस सरकार के अन्याय का हिसाब जनता लेगी : वीडी शर्मा 
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रदेश के गरीब, नौजवान, माताएं-बहनें सभी पीड़ित थे। इस सरकार ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान करने और भाजपा सरकार के वैधानिक कामों को अवैधानिक करने का प्रयास किया। सत्ता में बने रहने के लिए विधायकों, उनके परिजनों और समर्थकों पर दबाव डालने का काम किया। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार अपने अंतर्द्वंद और अंतरविरोधों के कारण गिरी है। कई बार कांग्रेस के नेताओं और मंत्रियों ने कहा कि भ्रष्टाचार चरम पर है, जनता में आक्रोश है और अगर हालात नहीं सुधरे, तो हम सड़कों पर उतर जाएंगे लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। शर्मा ने कहा कि यह पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की जीत है और इस सरकार ने प्रदेश की गरीब जनता, भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ जो अन्याय किया है, उसका हिसाब प्रदेश की जनता लेगी।

भाजपा कार्यालय में जश्न मनाते कार्यकर्ता। 

यह कांग्रेस के आंतरिक संघर्ष की परिणति हैः गोपाल भार्गव
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि यह पार्टी की जीत है और इस विजय में विधायक दल के सभी सदस्यों का सहयोग मिला है। हमारे विधायकों ने पूरे 15 महीने संघर्ष किया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर होने जा रहे फ्लोर टेस्ट के पहले ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार के अल्पमत में आ जाने के कारण इस्तीफा दे दिया। अब कोहरा और धुंध छंट गए हैं तथा सब स्पष्ट हो गया है। भार्गव ने कहा कि कांग्रेस सरकार के 6 मंत्रियों ने इस्तीफे दिए थे, लेकिन कांग्रेस ने उन पर भी हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाकर उनका अपमान किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया जी के साथ जो व्यवहार हुआ, वह सरासर गलत था। कमलनाथ, दिग्विजयसिंह के कारण वह ऐसा कदम उठाने पर मजबूर हुए। 


जश्न में नदारद रहे नरोत्तम मिश्रा  
भाजपा दफ्तर में हुए जश्न में पार्टी के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा नदारद रहे। विधानसभा में भी वह रिजॉर्ट से बस में आए और विधानसभा भी गए, लेकिन बीच में वह पैदल ही बाहर गए। जब उनसे पूछा गया कि आप सबसे पहले बैठक से निकल आए तो उन्होंने विधानसभा की तरफ इशारा करके कहा- सारे विधायक बाहर आ रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि आने वाले दिनों में नरोत्तम मिश्रा को मप्र के मुख्यमंत्री के रूप में देखा जाएगा, इस पर उन्होंने कहा- जो पार्टी तय करेगी, वह मान्य होगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार खुद के अंतर्कलह से हारी है। ये सरकार झूठ के बुनियाद पर आई और अब गिर गई और 14 महीने के कुशासन का अंत होगा। 

आकाश विजयवर्गीय ने कहा- पार्टी हाईकमान तय करेगा नेता 
जश्न के बीच भास्कर से बातचीत में इंदौर विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा- विधायक दल का नेता कौन होगा, ये पार्टी हाईकमान तय करेगा। आने वाले एक-दो दिन में ये भी तय हो जाएगा। 

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