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चहेती कंपनी की खातिर टेंडर शर्तों में तब्दीली

डीबी स्टार

Danik Bhaskar | Sep 10, 2018, 02:12 AM IST
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केंद्र सरकार के आदेश पर ट्राइबल डिपार्टमेंट को 1010 आधार इनरोलमेंट किट की खरीदी करना है। इसमें एक कम्प्यूटर मॉनीटर, एक लेसर प्रिंटर, एक लैपटॉप, बायोमैट्रिक और नॉन बायो-मैट्रिक डिवाइस शामिल है। ट्राइबल डिपार्टमेंट ने यह काम एमपी स्टेट इलेक्ट्राॅनिक डेवलपमेंट काॅर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएसईडीसीएल) को दिया। उसने जून 2018 को ऑनलाइन टेंडर जारी किया। इसमें पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद तकनीकी आधार पर इंदौर और गुजरात की दो कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह टेंडर भोपाल की एक कंपनी को मिल गया। इस कंपनी ने 10.5 करोड़ रुपए रेट दिया था, जबकि बाकी दो कंपनियों के रेट 12 करोड़ रुपए से अधिक आए। जिन दो कंपनियों को बाहर किया, उनके रेट भी नहीं देखे गए। गड़बड़ी यहीं से शुरू हुई। Àशेष पेज 3 पर

पता करवाती हूं

 आपने जो भी इश्यू बताए हैं उस संबंध में अब तक कोई शिकायत मेरे पास नहीं आई है। मैं पता करवाती हूं कि क्या मामला है?
पारदर्शिता बरतनी चाहिए

 हमने टेंडर में हिस्सा लिया था और एमएसएमई में रजिस्टर्ड भी हैं। इसके बावजूद केवल पांच हजार रुपए के लिए हमें बाहर कर दिया गया, जबकि हमारे 15 लाख रुपए की ईएमडी लगी हुई थी। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतनी चाहिए।