नाव हादसा / कलेक्टर ने 5 दिन पहले जताई थी गंभीर घटना की आशंका, शाम के बाद बोट संचालन पर रोक लगाई थी

भोपाल में हुए नाव हादसे के बाद रोते-बिलखते परिजन। भोपाल में हुए नाव हादसे के बाद रोते-बिलखते परिजन।
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भोपाल में हुए नाव हादसे के बाद रोते-बिलखते परिजन।भोपाल में हुए नाव हादसे के बाद रोते-बिलखते परिजन।

  • धारा 144 लगाकर पर्यटन निगम को दी थी बोट संचालन की पूरी जिम्मेदारी

दैनिक भास्कर

Sep 14, 2019, 03:50 PM IST

भोपाल. भोपाल नाव हादसे के पांच दिन पहले कलेक्टर तरूण पिथौड़े ने धारा 144 के तहत आदेश जारी करके भोपाल जिले के सभी तालाबों में शाम 7 बजे के बाद बोट संचालन पर रोक लगा दी थी। बोट संचालन पर निगरानी की पूरी व्यवस्था नगर निगम की बजाय पर्यटन निगम को दे दी थी। लेकिन गणेश विसर्जन के दौरान रात भर नावों का असुरक्षित तरीके से संचालन हुआ और प्रशासन ने इस पर रोक के कोई कदम नहीं उठाए। पर्यटन निगम ने भी आदेश की अनदेखी की।

 

कलेक्टर पिथौड़े ने अपने आदेश में इस बात का जिक्र किया है कि बोट संचालन में निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इससे गंभीर घटना हो सकती है। इसलिए सुरक्षा संबंधी सभी उपाय करने के लिए यह जरूरी किया गया है कि बोट चालक अपने साथ बोट की मजबूती का प्रमाण पत्र रखेंगे। पर्यटन निगम बोट की जांच के बाद यह प्रमाण पत्र जारी करेगा।


यह भी है कलेक्टर के आदेश में

 

  • हर बोट में यात्रियों की संख्या के बराबर लाइफ जैकेट होना चाहिए।
  • हर बोट की क्षमता पर्यटन निगम द्वारा प्रमाणित होना चाहिए।
  • हर बोट में पर्याप्त संख्या में सेफ्टी ट्यूब होना चाहिए।
  • हर बोट चालक अनिवार्य रूप से कुशल तैराक होना चाहिए।
  • हर बोट चालक को नेम प्लेट लगाना चाहिए।
  • हर माह बोट का तकनीकी परीक्षण होना चाहिए।
  • बोट में यात्रियों के बैठने से पहले उन्हें लाइफ जैकेट पहनाना चाहिए।
  • बोट चालक या यात्री नशे की हालत में नहीं होना चाहिए।
  • पर्यटकों के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया जा सकेगा।
  • बोट केवल अनुमति वाले स्थान पर ही संचालित की जा सकेगी।
  • पर्यटन निगम की जिम्मेदारी होगी कि बोट क्लब पर सभी दिशा निर्देश लिखे जाएं।
  • पर्यटन निगम या अन्य सक्षम संस्था की अनुमति के बिना प्राइवेट बोट का संचालन नहीं किया जा सकेगा।

 

धार्मिक भावनाओं के कारण विसर्जन के दौरान नहीं की सख्ती 
 

भोपाल जैसे तालाबों के शहर में बोट संचालन पर नियंत्रण जरूरी है। इसी दृष्टि से यह आदेश जारी किया गया है। विसर्जन के दौरान धार्मिक मान्यताओं के कारण इस पर सख्ती नहीं की। अगले कुछ दिनों में हम इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे। व्यवस्था की दृष्टि से बोटिंग पर पर्यटन निगम का ही नियंत्रण उचित है। नगर निगम केवल मछली पकड़ने के लिए बोट का रजिस्ट्रेशन करेगा।

तरूण पिथौड़े, कलेक्टर

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