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राजनीति / जिस रास्ते से वन गए थे भगवान राम अब उसी रास्ते से कांग्रेस 21 से निकालेगी यात्रा



Danik Bhaskar | Sep 15, 2018, 02:10 AM IST

भोपाल। चुनावी साल में मतदाताओं तक पहुंचने के लिए कांग्रेस कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती। इसी के तहत अब कांग्रेस राम वन गमन पथ यात्रा निकालेगी। यात्रा उन रास्तों से निकलेगी, जहां से भगवान राम गुजरे थे। यात्रा 21 सितंबर को चित्रकूट से शुरू होगी, जो 9 अक्टूबर तक चलेगी। यात्रा से स्थानीय लोगों को भी जोड़ा जाएगा।

 

 

2007 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राम वन गमन पथ पर काम करने की घोषणा की थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई है। पिछले चुनावो में यह मुद्दा भाजपा के पास था। चुनाव से पहले जारी होने कांग्रेस के 'वचनपत्र' में भी सरकार बनने पर राम पथ गमन मार्ग को बनाने का वादा किया जाएगा। 

 

वनवास के रास्ते सत्ता हासिल करने की तैयारी

आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बदली-बदली नजर आएगी। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता हर दिन सबसे पहले मंदिर जाएंगे और फिर चुनाव प्रचार पर निकलेंगे। इतना ही नहीं जिस जगह वो प्रचार करने पहुंचेगे सबसे पहले वहां के प्रसिद्ध मंदिर जाएंगे। मध्य प्रदेश में कांग्रेस 15 साल से सत्ता का वनवास झेल रही है। और भगवान राम मध्य प्रदेश के रास्ते से ही 14 साल के वनवास पर गए थे।

 

इसलिए हो रहा ऐसा

दरअसल कांग्रेस बीते सालों से अपनी हिंदू विरोधी छवि से बाहर निकलने का प्रयास कर रही है। राहुल गांधी शिव भक्त होने का दावा करते हैं। वह एक दिन पहले ही मानसरोवर यात्रा से लौटे हैं। मध्य प्रदेश में सॉफ्ट हिंदुत्व की नीति को अपनाने की शुरुआत दिग्विजय सिंह ने करीब एक साल पहले ही कर दी थी। जब वह नर्मदा यात्रा पर निकले थे। हालांकि दिग्विजय सिंह ने नर्मदा परिक्रमा को अपनी आध्यात्मिक यात्रा बताया था। उन्होंने 6 महीने घर से दूर 3800 किलोमीटर की यात्रा करके नर्मदा की परिक्रमा पूरी की थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी पिछले दिनों कांग्रेस की सरकार बनने पर 23 हजार ग्राम पंचायतों में एक-एक गौशाला खोले जाने का वचन दे चुके हैं। अक्टूबर में चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत राहुल गांधी ओंकारेश्वर से करेंगे। प्रचार अभियान की शुरुआत करने से पहले राहुल यहां ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पूजा-पाठ करेंगे। 


35 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी यात्रा

कांग्रेस की यह यात्रा 21 सितंबर से शुरू होकर 9 अक्टूबर तक चलेगी। कांग्रेस की यह यात्रा करीब 35 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। भगवान राम 14 साल के वनवास के दौरान मध्य प्रदेश में जहां जहां से गुजरे थे कांग्रेस की यात्रा उसी मार्ग से होकर निकलेगी। यात्रा के लिए एक खुला रथ तैयार किया जा रहा है। हालांकि अभी वह नाम उजागर नहीं किया गया है जो इस यात्रा की अगुआई करेगा। कांग्रेस सूत्रों का ये कहना जरूर है कि यात्रा के शुभारंभ अवसर पर देश के बड़े-बड़े साधू संतों का आमत्रित किया जाएगा और सभी बड़े नेता मौजूद रहेंगे।  

 

क्या थी योजना

दरअसल 2007 में मुख्यमत्री शिवराज सिंह चौहान ने राम पथ गमन मार्ग विकसित करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद सरकार ने एक ग्यारह सदस्यीय समिति बनाई। समिति ने 2009 में अपनी रिपोर्ट सरकार को दे दी। इसके बाद ये योजना ठंडे बस्ते में चली गई। 


 

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