मध्यप्रदेश / कोलांस के दोनों ओर 250 मीटर में निर्माण पर होगी रोक, बफर जोन में रोपे जाएंगे पौधे



Constance will be built on 250 meters in both sides of the collapse
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Constance will be built on 250 meters in both sides of the collapse

  • बड़े तालाब के कैचमेंट के संरक्षण के लिए भोपाल और सीहोर के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में शामिल होंगे नियम
  • 40 किमी है उद्गम से तालाब तक नदी की लंबाई
  • 150 से ज्यादा नाले मिलते हैं नदी में पूरे बहाव में

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 02:58 AM IST

भोपाल . बड़े तालाब की लाइफ लाइन कोलांस नदी के दोनों तरफ 250 मीटर तक बफर जोन बनाया जाएगा। यानी इस क्षेत्र में निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाने के साथ ही बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। साथ ही नदी में मिलने वाले 150 से अधिक छोटे-बड़े नालों के किनारे भी 50 से 100 मी. तक निर्माण पर रोक लगेगी। इसके लिए भोपाल व सीहोर के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में नियम शामिल किए जाएंगे। जनसुनवाई के बाद ड्राफ्ट मंजूर होगा।  


शुक्रवार को  बड़े तालाब के एफटीएल और उसके कैचमेंट एरिया के संरक्षण की प्लानिंग के लिए संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने भोपाल व सीहोर जिले के अफसरों की बैठक बुलाई थी। यहां टीएंडसीपी ने मास्टर प्लान-2031 की तैयारियों के संबंध में प्रेजेंटेशन दिया। ज्वाइंट डायरेक्टर टीएंडसीपी सुनीता सिंह ने प्रेजेंटेशन में बताया कि कैचमेंट एरिया में भोपाल के 63 और सीहोर जिले के 24 गांव शामिल हैं। सेप्ट की रिपोर्ट के आधार पर बताया गया कि इन गांवों का दायरा बढ़ने से रोकना जरूरी है। संभागायुक्त ने भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े और सीहोर कलेक्टर अजय गुप्ता को इस संबंध में कार्रवाई करने को कहा।

 

हर साल दिसंबर-जनवरी में होगा गहरीकरण

 

1 कोलांस नदी के बहाव की अड़चनों को हटाया जाएगा : कोलांस के बहाव को बनाए रखने के लिए मिट्टी व सीमेंट कांक्रीट के स्ट्रक्चर को हटाया जाएगा। ईंट भट्टों के खिलाफ कार्रवाई कर इन्हें बंद कराया जाएगा। नदी के चौड़ीकरण और गहरीकरण काम हर साल दिसम्बर से जनवरी के बीच होगा।

 

2 फलदार पौधे लगाए जाएंगे, ताकि पक्षियों का बसेरा हो : तालाब और कोलांस नदी के आसपास फलदार पौधे लगाए जाएंगे, ताकि प्रवासी पक्षी यहां पर आकर अपना घोसला बना सके। ऐसा वातावरण निर्मित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा प्रवासी पक्षी यहां पर ठहरें। 

 

मैरिज गार्डन, अस्पताल और होटल पर मांगी स्टेटस रिपोर्ट : बड़े तालाब के आसपास बने मैरिज गार्डन, अस्पताल और होटल आदि को लेकर संभागायुक्त ने कलेक्टर तरुण पिथोड़े से कहा कि वे टीम बनाकर सबकी जांच कराएं। इसकी स्टेटस रिपोर्ट पेश करें, ताकि यह पता लग सके कि यह एनजीटी के निर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं? जो संस्थान एनजीटी के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

 

अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान आज से शुरू : तालाब के एफटीएल से अतिक्रमण हटाने के लिए शनिवार से अभियान शुरू होगा। कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम व नगर निगम को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए है। पिछले दिनों जिला प्रशासन व निगम ने संयुक्त रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें पहले चरण में एेसे अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं जो आवासीय नहीं है।

 

अन्य नदी-नालों का भी संरक्षण : कोलांस और उलझावन के अलावा कोहेफिजा से निकलने वाली शिरीन नदी और नीलबड़- रातीबड़ सहित अन्य क्षेत्रों के नालों का भी संरक्षण होगा। श्यामला हिल्स से भी बरसाती पानी बड़े तालाब में जाया करता था, इसके लिए फिर से चैनल बनाए जाएंगे।

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