गुना / एक लाख की रिश्वत के साथ पकड़े गए सहकारी उपायुक्त के भोपाल स्थित घर पर लोकायुक्त का छापा, 50 लाख की संपत्ति मिली

Dainik Bhaskar

Nov 23, 2018, 07:21 PM IST



ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने गुना में छानबीन की। ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने गुना में छानबीन की।
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ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने गुना में छानबीन की।ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने गुना में छानबीन की।

  • बैंक का लॉकर खुलवाना है, इसलिए भेजा 4 दिन के रिमांड पर
  • कलेक्ट्रोरेट स्थित अपने कार्यालय में ही पकड़े गए थे रिश्वत लेते
  • गुना स्थित शासकीय आवास पर भी मिले 2.50 लाख

गुना.  एक लाख रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए सहकारिता विभाग के उपायुक्त के भोपाल स्थित निजी आवास पर भी छापा मारा गया। जांच के दौरान 50 लाख मूल्य की संपत्ति मिली। वहीं, गुना स्थित उनके शासकीय आवास से 2.50 लाख की संपत्ति जब्त की गई। बैंक में स्थित उनका लॉकर खुलवाना है, इसलिए उन्हें 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

 

कलेक्ट्रोरेट स्थित सहकारिता विभाग के उपायुक्त केके द्विवेदी को लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। मावन सहकारी समिति के प्रबंधक शंकर हरि रघुवंशी से उन्होंने अतिरिक्त प्रभार हटाने के लिए रिश्वत मांगी थी, वह 1 लाख रुपए लेते हुए बुधवार दोपहर पकड़े हुए थे।

 

लोकायुक्त इंस्पेक्टर कविंद्र चौहान ने बताया कि उनके गुना स्थित शासकीय आवास पर भी जांच की, इस दौरान 1.28 लाख नकद व अन्य संपत्ति मिली है। इन सभी की कुल कीमत 2.50 लाख के आसपास है। आरोपी को विशेष न्यायधीश ( भ्रष्टाचार अधिनियम ) संजय कुमार गुप्ता की अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे चार दिन का पुलिस रिमांड पर लिया गया।

 

भोपाल स्थित आवास से मिली 50 लाख की संपत्ति : भोपाल स्थित उनके निजी आवास पर भी लोकायुक्त भोपाल ने छानबीन की गई। इंस्पेक्टर चौहान ने बताया कि वहां से 50 लाख मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है। इसमें नकदी, सोना-चांदी के जेबर एवं भूमि आदि शामिल है।


4 दिन की रिमांड भोपाल का लोकर खुलवाया जाएगा : आरोपी को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। लोकायुक्त इससे पूछताछ कर रही है। बताया जाता है कि भोपाल स्थित एक बैंक में उनका लॉकर भी है। जिसे खुलवाना है। वहीं अन्य संपत्ति के दस्तावेजों की जानकारी ली जा रही है। लोकायुक्त को आशंका है कि उनके लोकर में लाखों रुपए की संपत्ति के बारे में खुलासा हो सकता है। यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि भ्रष्टाचार करके कितनी संपत्ति जुटाई है और कहां है?

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