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भोपाल/विदिशा. इटली के रास्ते फ्रांस से विदिशा लौटे एक यात्री की स्वास्थ्य विभाग ने जांच-पड़ताल की है। उसमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उसे आगामी 28 दिनों तक अंडर आब्जर्वेशन रखेंगे। कोरोना के 5 संदिग्ध मरीजों की जांच निगेटिव निकलने से उनके परिजनों और स्वास्थ्य विभाग ने भी राहत की सांस ली है। इधर, सरकार ने प्रदेश में सभी स्कूल-कॉलेज और यूनिवर्सिटी में बच्चों और विद्यार्थियों के लिए बंद करने के आदेश जारी कर दिया, लेकिन स्कूल खुले हुए हैं और शिक्षकों को स्कूल जाना पड़ रहा है। भोपाल के बावड़ियां कलां के स्कूल में शिक्षक मास्क बांधकर काम करते देखे गए।
इधर, "भोपाल में मिला कोरोना वारयस का पहला मरीज" होने की खबर वायरल हुई। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर सफाई दी है। उनका कहना है कि अभी तक मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित पॉजिटिव सैम्पल नहीं पाया गया हैं।

गंजबासौदा...मिसिका ने घर लौटकर ली राहत की सांस
एक महीने से चीन के शंघाई स्थित एक कमरे में कैद रहने के बाद गंजबासौदा की मिसिका भावसार ने अपने घर वापस आने के बाद राहत की सांस ली है। मिसिका भावसार चीन के शंघाई में स्पोर्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में इंजीनियर पद पर कार्यरत हैं। वह पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मोहन भावसार की बेटी हैं। जब से चीन में कोरोना वायरस फैलने की खबर सुनी तो बेटी के स्वास्थ्य को लेकर परिजन काफी चिंतित थे। उन्होंने बेटी को चीन से वापस अपने देश बुलाया । जब बेटी वापस घर आई तो परिजनों ने भी चैन की सांस ली। चीन से वापस लौटी मिसिका ने बताया कि चीन में कोरोना वायरस फैलने से हालात बहुत खराब हो चुके हैं।
रिकॉल...इससे पहले चीन और अमेरिका से लौटे थे यात्री
इससे पहले चीन और अमेरिका से विदिशा लौटे कोरोना वायरस के तीनों संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इस संबंध में सीएमएचओ डा.केएस अहिरवार और डेमोलाजिस्ट डा.शोएब खान ने बताया कि गंजबासौदा की रहने वाली मिसिका भावसार चीन से शंघाई शहर से लौटी थीं। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसकी जांच की तो उसमें कोरोना वायरस के कोई सिमटम्स नहीं मिले। इसके अलावा विदिशा की रहने वाली हर्षिता दीक्षित अमेरिका से चीन होते हुए विदिशा लौटीं थीं तो उसकी भी जांच कराई गई थी। हर्षिता ने अमेरिका से लौटते समय चीन में अपनी फ्लाइट चेंज की थी। इस कारण उसे भी संदिग्ध मरीज माना जा रहा था लेकिन उसकी भी जांच रिपोर्ट निगेटिव निकली है।
इसके अलावा विदिशा की ही रहने वाली जयश्री भार्गव चीन के नैंचिंग शहर से विदिशा लौटी हैं। उसे फीवर और कफ की शिकायत थी। इसलिए उसके जांच सेंपल जांच के लिए नागपुर लैब में भेजे गए थे। वहां से जयश्री भार्गव की जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आ चुकी है। इन तीनों मरीजों में कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।
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