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मतदाताओं को लालच देने वालों पर 100 मिनट में होगी कार्रवाई, चुनाव आयोग ने एप किया लांच

भारत निर्वाचन आयोग की सी-विजिल एप के माध्यम से मिली सुविधा, शिकायतकर्ता का नाम रहेगा गुप्त

dainikbhaskar.com | Last Modified - Aug 11, 2018, 02:50 PM IST

मतदाताओं को लालच देने वालों पर 100 मिनट में होगी कार्रवाई, चुनाव आयोग ने एप किया लांच

भोपाल।चुनाव के दौरान मतदाता को शराब व धन का लालच देने वाले अब बच नहीं पाएंगे। अभी तक आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों की मॉनिटरिंग चुनाव आयोग व जिला प्रशासन ही करते थे, अब हर व्यक्ति इस पर नजर रख सकेगा। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल एप लाॅन्च किया है जिसकी जरिए कोई भी व्यक्ति आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर 100 मिनट में कार्रवाई सुनिश्चित करा सकेगा। सूचना देने वालों को डरने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि उसका नाम पूरी तरह गुप्त रहेगा।


- सी-विजिल (cVIGIL) एप प्ले स्टोर से एंड्रॉयड मोबाइल में डाउनलोड किया जा सकता है। चुनाव के दौरान यदि कोई व्यक्ति आचार संहिता का उल्लंघन करता नजर आता है तो इस एप के माध्यम से शिकायत की जा सकेगी। एप खोलते ही उसमें वीडियो व फोटो का ऑप्शन आता है। यदि आपको फोटो लेना है तो फोटो ऑप्शन को क्लिक करना होगा। इसके बाद फोटो खींच सकेंगे। फोटो क्लिक होते ही यह पूछा जाएगा कि शिकायत का प्रकार क्या है। यह बताने के लिए एप में ऑप्शन मिलेंगे।

- ऑप्शन सिलेक्ट करने के बाद आपकी शिकायत चुनाव आयोग को पहुंच जाएगी। इस शिकायत पर 100 मिनट में कार्रवाई सुनिश्चित होगी। इसी तरह वीडियो भी भेजा जा सकेगा। वहीं सी-विजिल एप अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन टेस्टिंग के लिए चालू है। यदि कोई व्यक्ति इसके बारे में जानना चाहता है तो वह अभी इसे अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करके शिकायत करने की रिहर्सल कर सकते हैं। इसके लिए कोई भी साधारण फोटो या वीडियो इस एप के माध्यम से चुनाव आयोग को भेज सकते हैं।


तत्काल लिया गया फोटो या वीडियो ही होगा मान्य

चुनाव आयोग ने शिकायत के प्रकार में धन का वितरण, शराब का वितरण, गिफ्ट, अनुमति के बिना पोस्टर, बैनर, आग्नेयास्त्र का प्रदर्शन, धमकी, अनुमति के बिना वाहन या कॉनवॉय, पेड न्यूज, संपत्ति का वितरण, मतदान दिवस पर मतदाताओं को लाना-ले जाना, मतदान केंद्र के भीतर प्रचार करना, प्रतिबंधित अवधि के दौरान प्रचार करना, धार्मिक या सांप्रदायिक भाषण, संदेश, समयबद्ध स्पीकरों का उपयोग, अनिवार्य घोषणा के बिना पोस्ट व अन्य शामिल किए गए हैं। इनमें से कोई भी कृत्य नजर आने पर एप के माध्यम से शिकायत हो सकेगी। पहले से बनाया गया वीडियो या फोटो मान्य नहीं होगा। तत्काल खींचकर भेजा गया फोटो या वीडियो ही मान्य किया जाएगा।

जीपीएस से ट्रेस होगी शिकायतकर्ता की लोकेशन

शिकायत करने वाले व्यक्ति की लोकेशन मोबाइल फोन के जीपीएस से मिलेगी। शिकायतकर्ता को यह बताने की आवश्यकता नहीं होगी कि वह कहां से शिकायत कर रहा है। यह ऑप्शन मोबाइल फोन के जीपीएस से अपने आप एक्टिव होगा और चुनाव आयोग को लोकेशन मिल जाएगी। वह शिकायत मिलते ही उसे जिला निर्वाचन आयोग के पास फाॅरवर्ड करेंगे और वहां से संबंधित इलाके के अधिकारियों पर यह शिकायत पहुंचेगी जो कार्रवाई करेगा। शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता को मोबाइल फोन पर एक यूनिक आईडी मिलेगी जिसके माध्यम से वह कार्रवाई के बारे में जान सकेगा।

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