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दिल्ली की टीम देखेगी वोटर्स के नाम काटने का काम, ईआरओ नेट से देंगे वोटर कार्ड बनाने के टिप्स

प्रदेशभर के जिलों की वोटर लिस्ट में मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और दो जगह नाम वाले वोटर्स के नाम सामने आए हैं।

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:01 AM IST

भोपाल. राजधानी में मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और दो जगह नाम वाले 35 हजार वोटर्स सामने आने के बाद भारत निर्वाचन आयोग की टीम प्रदेश में वोटर लिस्ट की खामियां दूर करने टीम भेज रहा है। यह टीम एक मई को राजधानी स्थित राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर में पहुंचेगी, जहां सभी जिलों के अफसरों को इन वोटर्स की जांच कर नाम काटने की हिदायत दी जाएगी। इधर, ईआरओ नेट में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए टिप्स भी दिए जाएंगे।


भारत निर्वाचन आयोग की टीम पहुंच रही भोपाल

प्रदेशभर के जिलों की वोटर लिस्ट में मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और दो जगह नाम वाले वोटर्स के नाम सामने आए हैं। जिससे वोटर लिस्ट को सुधारने का काम शुरू हो गया है। इसको देखते हुए राजधानी में विधानसभा स्तर पर वोटर लिस्ट सुधार का काम चल रहा है। इस काम को देखने के लिए 1 मई को भारत निर्वाचन आयोग की टीम भोपाल पहुंच रही है। उप चुनाव आयुक्त संदीप सक्सेना ईआरओ नेट सिस्टम की समीक्षा करेंगे।

संदीप सक्सेना को ईआरओ नेटा का बनाया प्रभारी

आयोग ने सक्सेना को ईआरओ नेट का प्रभारी बनाया है। दरअसल, ईआरओ नेट को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त की बैठक में भी सवाल उठ चुके हैं। प्रदेश में मुंगावली और कोलारस विधानसभा के उपचुनाव की वोटर लिस्ट में ऐसे 20 हजार से ज्यादा नामों का खुलासा हुआ था। मालूम हो कि वोटर लिस्ट की जांच में अप्रैल के पहले सप्ताह तक करीब साढ़े आठ लाख से अधिक ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनका निधन हो चुका है या फिर अनुपस्थित, स्थानांतरित या दो जगह नाम होने की श्रेणी में शामिल हैं।