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चुनौती / दिग्विजय ने कहा- शिवराज ने जो आरोप लगाए हैं उस पर नोटिस बन रहा है, उन्हें जल्द ही मिलेगा



दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री

कहा- मैं दस साल मुख्यमंत्री रहा, भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सिद्धकर के दिखाएं

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:27 AM IST

भोपाल.  पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन पर देशद्रोही और नक्सली जैसे आरोप लगाए हैं। उनके खिलाफ नोटिस तैयार हो रहा है और वह जल्द ही उन्हें मिल जाएगा। सिंह ने यहां पीसीसी में मीडिया से चर्चा के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में यह बात कही।

 

इस दौरान सिंह ने सीएम को चुनौती दी है कि मैं दस साल तक मुख्यमंत्री रहा। मुझ पर वे एक भी भ्रष्टाचार का आरोप सिद्ध करके दिखाएं। चौहान अपने 15 साल और मेरे10 साल के कार्यकाल पर बहस कर लें, मैं इसके लिए तैयार हूं। प्रदेश में बीते 15 साल में जितने घोटाले हुए हैं, उन पर तो एक किताब लिखी जा सकती है।

 

 

सीएम और उनके परिजन रेत खनन घोटाले में शामिल :  दिग्विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके परिजन व्यापमं, रेत के अवैध खनन समेत अन्य घोटालों में शामिल हैं। वे पिछले कई दिनों से ये आरोप लगा रहे हैं। यदि मैं गलत हूं, तो मुख्यमंत्री अदालत में चुनौती दें।

 

इस सवाल पर कि वे खुद अदालत में क्यों नहीं जाते, उन्होंने कहा कि इसकी तैयारी चल रही है चार्जशीट तैयार हो गई है। सिंह ने आरोप लगाया कि तेंदूपत्ता मजदूरों के बोनस के पैसों में भ्रष्टाचार कर उनके ही पैसों से जूते-चप्पल, पानी की बोतल, साड़ी बांटी जा रही हैं।

 

नोटबंदी के नाम पर घोटाला : दिग्विजय ने आरोप लगाया कि नोटबंदी के नाम पर देश में घोटाला हुआ है। आरबीआई के अनुसार नए नोट प्राथमिकता के आधार पर उन्हीं सहकारी बैंकों को दिए गए जो भाजपा नेताओं के प्रभाव वाले थे।

 

हिंदू कभी खतरे में नहीं :  सिंह ने कहा कि जो सनातन धर्म को कमजोर कहते हैं, वे खुद कमजोर हैं। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सवर्णों के आंदोलन के बारे में कहा कि भाजपा अपनी असफलता छिपाने के लिए इस तरह के मुद्दे उछालती है।

 

राजनीति में कटुता नहीं, प्रतिद्वंद्विता हो सकती है : कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर दिग्विजय ने कहा कि राजनीति में कटुता नहीं होती, प्रतिद्वंद्विता हो सकती है। उन्होंने तो यहां तक कहा कि उनकी अपने राजनीतिक जीवन में कभी आरएसएस और भाजपा से भी कटुता नहीं रही।

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