भोपाल / दिग्विजय सिंह ने कहा- दीपिका पादुकोण ने जो किया, वो दिलेरी भरा; हिन्दुस्तान में सभी को बोलने का अधिकार

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को भोपाल में चल रही राष्ट्रीय सेवा दल के शिविर में भाग ले रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को भोपाल में चल रही राष्ट्रीय सेवा दल के शिविर में भाग ले रहे थे।
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को भोपाल में चल रही राष्ट्रीय सेवा दल के शिविर में भाग ले रहे थे।पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुधवार को भोपाल में चल रही राष्ट्रीय सेवा दल के शिविर में भाग ले रहे थे।

  • पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बुधवार को कांग्रेस सेवा दल के शिविर में शामिल हुए थे  
  • कांग्रेस नेता ने कहा- आज़ादी के बाद आरएसएस संविधान का विरोधी काम रहा है

दैनिक भास्कर

Jan 08, 2020, 07:47 PM IST

भोपाल. राजधानी में चल रहे कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय शिविर में बुधवार को शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कहा, "मुझे हिंदू होने के लिए किसी का प्रमाणत्र नहीं चाहिए। आज सारी लड़ाई विचारधारा की है। देश को तोड़ने की साजिश रची जा रही है।" दिग्विजय सिंह ने कहा, "जेएनयू के विरोध प्रदर्शन में दीपिका पादुकोण के जाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिन्दुस्तान में सभी को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। दीपिका ने जो किया वह दिलेरीभरा काम है।

जेएनयू छात्रों के समर्थन में पहुंचने पर भाजपा द्वारा उनकी फ़िल्म के प्रमोशन करने वाली बात पर दिग्विजय सिंह कहा कि इनका तो यह है कि इनके खिलाफ आप कोई भाषण  भी ना दें और बोले भी नहीं लेकिन अगर कोई इशारा भी कर दे तो वह इनका दुश्मन हो जाता है इनका व्यवहार डेमोक्रेसी के विरुद्ध है विचारों की अभिव्यक्ति का अधिकार हनन करते हैं।" 

उन्होंने आरोप लगाया कि, ''आज़ादी के बाद आरएसएस संविधान का विरोधी काम रहा है। नरेंद्र मोदी डंडे से देश चलना चाहते हैं जो अब सम्भव नहीं है। दुनिया के सारे देशों में अल्पसंख्यको के संरक्षण का नियम है। ये देश हजारों सालों से शंकराचार्य, निजामुद्दीन औलिया और संतों और फकीरों के बताए हुए मार्ग पर चलता रहा है। शंकराचार्य जी के द्वारा बनाए हुए मठ हमारे सनातन धर्म का पूर्ण रूप से प्रचार कर रहे हैं। इन लोगों ने नकली शंकराचार्य बनाकर धर्म को अपमानित करने का कार्य किया है।" 

दीपिका ने दिलेरी का काम किया 
ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए दिग्विजय ने कहा कि ''कांग्रेस के कुछ लोग 370 का समर्थन करते हैं, वो कांग्रेस को समझते ही नहीं।'' उन्होंने कहा कि जेएनयू में ऐसी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दिग्विजय ने बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के जेएनयू में जाने का समर्थन किया और कहा कि दीपिका ने जो किया वो दिलेरी से किया। हिन्दुस्तान में सभी को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है।" 

सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी, तभी से उनका विरोध 
उन्होंने कहा, ''सावरकर की पुस्तिका के चर्चे के कारण सेवादल की चर्चा दुनिया में होने लगी है, ये किताब कई साल पुरानी है, तब क्या ये सो रहे थे। सावरकर जब काला पानी गए तब हम उनका सम्मान करते हैं, मगर जब वो माफ़ी मांगकर बाहर निकले तो हम उनके विरोधी बन गए।'' उन्होंने श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बारे में बताया कि उन्होंने कश्मीर के मसले पर पंडित नेहरू के मंत्रिमंडल से इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि पंडित नेहरू की कश्मीर नीति का समर्थन किया था, इस्तीफा तो श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने नेहरू और लियाकत समझौते के विरोध में दिया था।
 

आरएसएस की मानसिकता तोड़ने वाली 
कांग्रेस नेता ने कहा कि ''आरएसएस को हिंदुओं का संगठन नहीं मान सकते. इसके मूल में फांसीवद का असर है। आरएसएस की मानसिकता तोड़ने वाली है जबकि कांग्रेस की विचारधारा जोड़ने की है।'' उन्होंने कहा कि ''आज संगठन को मजबूत करने की ज़रूरत है। आज कमी यही है कि कांग्रेस पार्टी आईडियोलॉजिकल पॉलिटिक्स में कमजोर पड़ गयी है और चुनाव की पॉलिटिक्स में ज़्यादा पड़ गयी है।'' दिग्विजय ने कहा, ''सभी धर्मों का मूल इंसानियत है और यही इंसानियत देश को जोड़े रखेगी।''

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