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वीडियो का विवाद / मैं राहुल-सोनिया के सामने भाषण नहीं देता, मेरी स्थिति आडवाणी जैसी भी नहीं : दिग्विजय

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिग्विजय कार्यकर्ताओं से कह रहे हैं कि जिसको टिकट मिले। चाहे वह दुश्मन ही हो, उसे जिताओ। मेरा काम केवल एक है। कोई प्रचार नहीं। कोई भाषण नहीं। मेरे भाषण देने से कांग्रेस के वोट कटते हैं, इसीलिए मैं नहीं जाता।

Digvijay Singh said due to my speech Congress's votes are cut
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Digvijay Singh said due to my speech Congress's votes are cut

  • शिवराज का पलटवार, बोले- कांग्रेस अपने नेताओं की इज्जत नहीं करती

  • राज्य में चुनावी भाषणों से दिग्विजय सिंह ने बना रखी है दूरी

Dainik Bhaskar

Oct 17, 2018, 10:57 AM IST

श्योपुर/भोपाल. दो दिन पहले सामने आया पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह का एक वीडियो मंगलवार को दिनभर सुर्खियों में रहा। वीडियो में दिग्विजय यह कहते हुए दिख रहे हैं कि मेरे भाषण देने से वोट कट जाते हैं। इसलिए मैं कुछ नहीं बोलूंगा। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मंच और रैली साझा नहीं करने और किसी भी सभा में भाषण नहीं देने को लेकर दिग्विजय से सवाल पूछे जा रहे थे। इसी का जवाब उन्होंने दिया। 

 

पहले यह कहा था... मेरे भाषण देने से वोट कटते हैं : सोमवार देर रात जब दिग्विजय श्योपुर पहुंचे तो उन्होंने भास्कर से बातचीत में कहा कि वे राहुल और सोनिया के सामने कभी भाषण नहीं देते, लेकिन मेरी स्थिति भाजपा के मार्गदर्शक मंडल में शामिल लालकृष्ण आडवाणी जैसी भी नहीं है। हालांकि मंगलवार को श्योपुर में राहुल की सभा में दिग्विजय मंच पर मौजूद थे। 

 

अब यह बोले- पार्टी मुझे नजरंदाज नहीं कर रही है : दिग्विजय ने कहा कि राहुलजी और सोनियाजी के साथ मैं मंच पर कम ही रहता हूं और कार्यकर्ताओं से भी मैंने कह रखा है कि उनका फोटो होर्डिंग-बैनरों में न लगाएं। पार्टी मुझे नजरंदाज नहीं कर रही है और न ही मेरी स्थिति आडवाणीजी जैसी है। आडवाणीजी मुझसे सीनियर हैं, उनसे तो मेरी तुलना हो ही नहीं सकती। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश के 42 जिलों का दौरा कर लिया है, लेकिन ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया से समय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए खुद घूमकर कार्यकर्ताओं से मिल रहा हूं।


ऐसा कुछ भी नहीं है, वे हमारे सम्माननीय नेता हैं : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से जब दिग्विजय के बयान पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। दिग्विजय सिंह पार्टी और हमारे सम्माननीय नेता हैं। उन्होंने किस संदर्भ में यह बयान दिया, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। - कमलनाथ ​​​​​​​


हम सब उनका सम्मान करते हैं, वे बड़े नेता हैं : इसी मामले पर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना था कि ऐसी कोई बात नहीं है। दिग्विजयजी का हम सम्मान करते हैं, वो पार्टी के बड़े नेता हैं और मप्र के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। चुनाव में हम सब मिलकर काम कर रहे हैं। - ज्योतिरादित्य सिंधिया 


दिग्विजय के साथ कमलनाथ भी बंटाधार : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बंटाधार जी ने खुद कहा कि वे वोट मांगेंगे तो वोट कट जाएंगे। वे स्वीकार रहे हैं कि प्रचार करेंगे तो कांग्रेस का बंटाधार कर देंगे, लेकिन वे अकेले नहीं हैं, कमलनाथ भी तो उनके साथ बंटाधार करेंगे। - शिवराज सिंह चौहान 

 

दिग्विजय पर्दे के पीछे : दिग्विजय मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की समन्वय समिति के अध्यक्ष हैं, लेकिन वे पर्दे के पीछे ही सक्रिय हैं। राज्य में अभी मुख्य रूप से कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ही सक्रिय रूप से प्रचार करते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों राहुल की भोपाल में सभा थी। यहां कार्यक्रम स्थल के बाहर राज्य में दूसरी पंक्ति के नेताओं तक के कटआउट लगे थे, लेकिन दिग्विजय के कटआउट नदारद थे। इस मामले पर कमलनाथ ने उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। 

 

मायावती का आरोप- कांग्रेस-बसपा गठबंधन में दिग्विजय ने रोड़ा अटकाया : दिग्विजय सिंह पर बसपा प्रमुख मायावती ने भी भाजपा और संघ का एजेंट होने का आरोप लगाया था। मायावती ने कहा था कि राहुल-सोनिया राज्य में बसपा से गठबंधन चाहते थे, लेकिन दिग्विजय जैसे नेताओं के चलते गठबंधन नहीं हो सका। दिग्विजय सिंह के इस बयान को कांग्रेसी खेमे में गुटबाजी के तौर पर देखा जा रहा था। मुख्यमंत्री शिवराज भी कांग्रेस की गुटबाजी पर निशाना साध चुके हैं। 

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