लापरवाही / हबीबगंज रेलवे स्टेशन: ओएचई लाइन और शेड के बीच दूरी दो की बजाय सिर्फ डेढ़ मीटर... हादसे की आशंका

ओएचई लाइन. शेड से सिर्फ 1.5 मीटर दूर है...आशंका... करंट फैलने की। ओएचई लाइन. शेड से सिर्फ 1.5 मीटर दूर है...आशंका... करंट फैलने की।
Distance between OHE line and shed only one and a half meter instead of two ... Fear of accident
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ओएचई लाइन. शेड से सिर्फ 1.5 मीटर दूर है...आशंका... करंट फैलने की।ओएचई लाइन. शेड से सिर्फ 1.5 मीटर दूर है...आशंका... करंट फैलने की।
Distance between OHE line and shed only one and a half meter instead of two ... Fear of accident

  • तीन बार बढ़ चुकी है डेडलाइन...लेकिन इसके बाद भी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर कंपनी बेफिक्र
  • प्लेटफॉर्म पर लगाए गए शेेड में बरती लापरवाही, प्लेटफॉर्म नंबर एक पर चल रहा काम...और यात्री परेशान

दैनिक भास्कर

Feb 17, 2020, 09:01 AM IST

भोपाल. हबीबगंज रेलवे स्टेशन...यहां रीडेवलपमेंट कार्य किया जा रहा है।  इस कार्य में लेटलतीफी के चलते तीन बार (जुलाई 2019,  दिसंबर 2019, मार्च 2020) डेडलाइन भी बढ़ चुकी है। लेकिन इतनी रियायत देने के बाद भी यहां सुरक्षा में कोताही बरती जा रही है। डेवलपमेंट कार्य करने वाली कंपनी बंसल-हबीबगंज पाथवेज प्राइवेट लिमिटेड ने यहां यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। ताजा मामला कंपनी द्वारा प्लेटफॉर्म नंबर-2 व 3 पर लगाए गए नए शेड का है।

रेलवे मैनुअल के मुताबिक शेड और ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन में दो मीटर का अंतर होना चाहिए, लेकिन यहां पर यह दूरी सिर्फ डेढ़ मीटर है। इसके चलते यहां हादसे की आशंका बनी हुई है। ऐसा नहीं है कि अफसरों को इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन उनका कहना है कि हमने डबल अर्थिंग की व्यवस्था की है, ऐसे में कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन सवाल यह भी है कि यहां चल रहे निर्माण समेत अन्य कार्यों की निगरानी जिन पर है वे आखिर क्या कर रहे हैं? यात्रियों की सुरक्षा से ऐसा खिलवाड़ गंभीर लापरवाही है। बार-बार सामने आ रही खामियां और उन्हें दुरुस्त करने में लगने वाले  समय के कारण ही डेडलाइन बढ़ रही हैं...और यात्रियों की परेशानी भी।

अफसर बोले ... सुधार के निर्देश दिए हैं

  •  रेल मंडल के सीनियर डीई टीआरडी संजय तिवारी का कहना है कि उनकी जानकारी में यह खामी आई थी, जिसमें सुधार करवाने के निर्देश इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन (आईआरएसडीसी) के अधिकारियों को दे दिए गए हैं।
  •  आईआरएसडीसी के अधिकारियों का कहना है कि जो भी कमी रह गई है, उसे दूर कर लिया जाएगा। डेवलपर कंपनी ने बदलाव के लिए वर्क आर्डर जारी कर दिया है। जल्द सुधार कार्य हो जाएगा। हालांकि उनका एक तर्क यह भी है कि ओएचई लाइन और शेड के बीच पर्याप्त दूरी है।
  • इस गंभीर लापरवाही के बारे में जब बंसल-हबीबगंज पाथ-वे प्राइवेट लिमिटेड के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अबू आसिफ से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने जानकारी देने से इनकार कर दिया। 

नियम विरुद्ध कार्य...लेकिन अफसरों का तर्क- कोई समस्या नहीं होगी

हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन की प्लेटफॉर्म के शेड से कम से कम दूरी दो मीटर होना चाहिए। यह बात रेलवे  मैनुअल में भी लिखी हुई है। इसके आधार पर ही स्टेशनों पर ओएचई की फिटिंग की जाती है। लेकिन हबीबगंज के प्लेटफॉर्म 2-3 पर यह दूरी सिर्फ डेढ़ मीटर है।

जहां तक ओएचई लाइन से करंट फैलने की बात है, इससे बचने के लिए डबल अर्थिंग की व्यवस्था की गई है। शेड से ओएचई की दूरी भी पर्याप्त है, जिससे समस्या नहीं होगी। राजेश मंडलोई, डीजीएम आईआरएसडीसी

वर्ल्ड क्लास बनने जा रहे स्टेशन पर वेटिंग एरिया का ऐसा विकल्प

वर्ल्ड क्लास बनने जा रहे  हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि निर्माण कार्य करने वाली कंपनी ने यहां यात्री सुविधाओं को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। प्लेटफॉर्म को दुरुस्त करने का कार्य तो किया जा रहा है लेकिन यात्रियों के बैठने तक के इंतजाम नहीं हैं। मजबूरन यात्री कभी ईंट पर तो कभी पत्थरों पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं। बंसल पाथवेज हबीबगंज प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों का दावा है कि मार्च अंत तक पूरा कार्य कर लिया जाएगा।
 

यहां सबसे ज्यादा परेशानी

प्लेटफॉर्म नंबर एक को अभी समतल किया जा रहा है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उबड़-खाबड़ प्लेटफॉर्म पर कई बार यात्री फिसल जाते हैं। अन्य प्लेटफॉर्म पर भी फिनिशिंग कार्य चल रहा है, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।

बंसल पाथवेज प्राइवेट लिमिटेड
के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अबू आसिफ के मुताबिक प्लेटफार्म पर फर्श निर्माण का कार्य चल रहा है। सिर्फ 10 फीसदी काम ही शेष रह गया है। यह मार्च के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद तीन महीने में फिनिशिंग का कार्य होगा। यात्रियों को परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। 

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