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आठ एनआरआई ने पूछा- हमारा नाम तो लिस्ट में नहीं

अमेरिकियों से ठगी के मामले में अमेरिका में रहने वाले भारतीय (एनआरआई) सायबर सेल से संपर्क करने लगे हैं। अब तक...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 03:26 AM IST
अमेरिकियों से ठगी के मामले में अमेरिका में रहने वाले भारतीय (एनआरआई) सायबर सेल से संपर्क करने लगे हैं। अब तक अमेरिका से 8 एनआरआई कॉल कर चुके हैं। सभी का सवाल एक ही है- कहीं उनका नाम तो लिस्ट में नहीं है। एसपी सायबर सेल राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि अब तक की जांच में डॉटा में अमेरिका में रहने वाले किसी भी भारतीय का नाम सामने नहीं आया है। हालांकि बड़ी संख्या में डाटा होने के कारण उसकी जांच में समय लग रहा है। इधर दस दिन की रिमांड खत्म होने के बाद सायबर सेल ने अभिषेक को न्यायालय में पेश कर दिया। इस मामले से हवाला के तार जुड़ने के कारण पुलिस हवाला कारोबार से जुड़े संदिग्धों की तलाश में जुट गई है। यही कारण है कि सायबर सेल की टीम पश्चिम बंगाल, बिहार और कर्नाटक समेत पांच राज्यों में डेरा डाले हुए है।

35 लाख हवाला से मिले अभिषेक को : अभिषेक के बैंक खातों से सायबर सेल 20 लाख रुपए जब्त कर चुकी है। यह रुपए बिटकॉइन और मनीग्राम के माध्यम से आई, जबकि इससे कहीं अधिक रकम करीब 35 लाख रुपए उसे हवाला के माध्यम से पहुंची। अभिषेक ने इसका ध्यान रखा था कि अगर पूरी रकम बिटकॉइन और मनीग्राम के माध्यम से आएगी, तो उस पर किसी की भी नजर पड़ सकती है। यह खुलासा अभिषेक ने पूछताछ में किया है। एसपी भदौरिया के अनुसार हमारी एक टीम हवाला से जुड़े संदिग्धों की तलाश कर रही है।

सायबर सेल आरोपियों की तलाश में पांच राज्याें में डाले है डेरा

प्रतिदिन की कमाई थी डेढ़ लाख

अभिषेक के फर्जी कॉल सेंटर की प्रतिदिन की कमाई करीब डेढ़ लाख रुपए थी, जिसमें से करीब 40 फीसदी रुपए उसे बिटकॉइन और मनीग्राम के माध्यम से पहुंचता था, जबकि शेष 60 फीसदी रकम हवाला के जरिए आती थी। पुलिस को जांच में 500 और अमेरिकियों के ठगे जाने की जानकारी हाथ लगी है, जिससे यह संख्या साढ़े पांच हजार तक पहुंच गई है।

ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट

होने वाला था वत्सल

15 सितंबर को अभिषेक को डाटा उपलब्ध कराने वाला अहमदाबाद का वत्सल गांधी बीसीए करने के बाद बैंक में मैनेजर था। उसकी नवंबर 2017 में शादी हुई। वह अपनी प|ी के साथ ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट होने की तैयारी में था। इसी 15 सितंबर को उसका आॅस्ट्रेलिया जाने का टिकट भी बुक था। उसकी योजना वहां रहकर फर्जी कॉल सेंटर खोलने की थी।