मप्र / शिवराज के सामने सोयाबीन की बर्बाद फसल लेकर पहुंचे किसान; शिवराज बोले- मुआवजा दिलाऊंगा

सीहोर के किसान सोयाबीन की फसल लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के पास पहुंच गए। सीहोर के किसान सोयाबीन की फसल लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के पास पहुंच गए।
X
सीहोर के किसान सोयाबीन की फसल लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के पास पहुंच गए।सीहोर के किसान सोयाबीन की फसल लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के पास पहुंच गए।

  • पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सीहोर में किसानों का बहुत नुकसान हुआ है
  • मैंने किसानों के खाते में 300 करोड़ रुपए डलवाए थे, जिससे किसान परेशान न हो 
  • भोपाल से इंदौर जा रहे थे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 

दैनिक भास्कर

Aug 22, 2019, 04:42 PM IST

सीहोर/आष्टा. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सीहोर और आष्टा में खराब हो गई सोयाबीन की फसल का सरकार सर्वे कराए और किसानों को मुआवजा दे। असल में, गुरुवार को सीहोर और आष्टा के किसानों ने शिवराज के काफिले को रोककर बारिश में खराब हो गई सोयाबीन की खड़ी फसल दिखाई। साथ ही मदद की गुहार लगाई। शिवराज भोपाल से इंदौर जा रहे थे।

 

शिवराज सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि सीहोर और देवास के किसानों ने मुझे रोका और अपनी सोयाबीन की बर्बाद फसलें दिखाई। फसल अगर बर्बाद होती है तो किसान की जिंदगी और उसके बच्चों का भविष्य तबाह एवं बर्बाद होता है। प्रदेश सरकार से मैं बात करूंगा। इस फसल का तत्काल सर्वे कराकर राहत और बीमा की राशि दी जानी चाहिए।

 

शिवराज ने कहा, "सरकार से मेरी पहली लड़ाई यही है कि किसानों का कर्जा माफ करो। मुआवजा दो, फसल बीमा की राशि दो। मैं किसानों के साथ हूं, जब तक सांस चलेगी, चिंता मत करना। आपके हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा।" सीहोर के जावर जोड़ के किसान सोयाबीन की फसलें लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के पास आ गए। शिवराज ने किसानों को आश्वस्त किया है कि किसानों को नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाएंगे और उनके हक की लड़ाई में साथ खड़े रहेंगे।

 

 

300 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया था किसानों को 
मैं जब मुख्यमंत्री था और एक साल सोयाबीन बहुत कम निकला था तो मैंने 300 करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों के खाते में डालने का काम किया, लेकिन यह ऐसी असंवेदनशील सरकार है कि मुख्यमंत्री की कौन कहे, अफसर भी खेतों में फसलें देखने नहीं आए।

 

सरकार केवल झूठ बोल रही है 
यह सरकार केवल झूठ बोलने का काम कर रही है। आज तक एक गौशाला खुली हो, तो मुझे बता दे। कभी कहती है कि कर्जा माफ कर दिया, कभी कहती है कि बेरोजगारी भत्ता दे दिया। यह सरकार जो कहती है, कभी करती नहीं है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना