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गुना / खाद की कमी पर विपणन संघ ने कहा, हमने एडवांस में ही खरीद ली थी, सहकारी बैंक प्रबंधक बोले- हमने 15 करोड़ रुपए की उठाई



कतार में किसान : विपणन संघ के बाहर खाद के लिए जूझ रहे किसान। पुलिस भी लगाई गई। कतार में किसान : विपणन संघ के बाहर खाद के लिए जूझ रहे किसान। पुलिस भी लगाई गई।
गुना में लंबी कतारें लगी रहीं। गुना में लंबी कतारें लगी रहीं।
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कतार में किसान : विपणन संघ के बाहर खाद के लिए जूझ रहे किसान। पुलिस भी लगाई गई।कतार में किसान : विपणन संघ के बाहर खाद के लिए जूझ रहे किसान। पुलिस भी लगाई गई।
गुना में लंबी कतारें लगी रहीं।गुना में लंबी कतारें लगी रहीं।

  • समितियों पर उठाव न करने का आरोप, प्रशासन ने भी नहीं डाला दबाव, वर्तमान में सिर्फ एक ही जगह से वितरण हो रहा है खाद का 
  • विपणन संघ ने अगर अगस्त-सितंबर माह के दौरान एडवांस खरीदी की थी, तो फिर क्यों नहीं बांटी खाद, दिनभर खाद के लिए जूझ रहे किसान

Dainik Bhaskar

Dec 06, 2018, 11:30 AM IST

गुना. जिले में यूरिया की खपत का अनुमानित लक्ष्य पहले से तय रहता है। सहकारी क्षेत्र की खरीदी एजेंसी विपणन संघ का दावा है कि उसने अगस्त-सितंबर में एडवांस खरीदी भी की लेकिन समितियों ने समय पर उठाव नहीं किया। दूसरी ओर सहकारी बैंक प्रबंधक का कहना है कि समितियों ने 15 करोड़ की खाद खरीदी है। शुरूआत में उठाव भी हुआ। हाल के दिनों में प्रशासनिक वजहों से उठाव बंद हो गया था।

 

सहकारी बैंक प्रबंधक के दावे को माने तो यह प्रशासनिक संकट भी एक हफ्ते से ही है, लेकिन खाद संकट इससे पहले से बना हुआ है। यूरिया खरीदी और वितरण से जुड़ी तमाम एजेंसियों को यह कई माह पहले से मालूम था कि इस साल 27 हजार टन की अनुमानित खपत होगी। यह आंकड़ा कृषि विभाग जारी करता है। पिछले साल के मुकाबले इस बार खपत में कोई बड़ा बदलाव भी नहीं आया था। 

 

4 घंटे तक वितरण के बाद भी एक हजार किसान लाइन में लगे दिखे 
बुधवार को नानाखेड़ी स्थित खाद वितरण केंद्र की स्थिति से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूरिया का संकट किस कदर है। यहां दोपहर 12 बजे एक हजार से ज्यादा किसान लाइन में थे। इनमें से 250 वे थे, जिन्हें मंगलवार को पर्ची दी गई थी। तब खाद खत्म होने की वजह से उन्हें अगले दिन के नंबर दे दिए गए थे। शाम को 4.30 बजे जब केंद्र का पुन: जायजा लिया गया तो स्थिति लगभग जस की तस थी। लाइन में करीब उतने की किसान थे, जितने की दोपहर में।

 

डीएमओ बोले-हमने सितंबर माह में ही खरीदी पर कितनी ये नहीं बता पाए
भास्कर ने विपणन संघ केे डीएमओ एमएस राजपूत से जानना चाहा कि जब अनुमानित खपत का अंदाजा था तो उसके मुताबिक तैयारी क्यों नहीं की गई? इस पर डीएमओ ने बताया कि हमने अगस्त सितंबर माह के दौरान ही एडवांस खरीदी की थी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि एडवांस खरीदी कितनी की गई थी। इसके अलावा पिछले साल की 2000 टन खाद भी बची हुई थी। वे कहते हैं कि समितियाें ने उठाव नहीं किया।  


1 सप्ताह से है परेशानी : बैंक प्रबंधक  
सहकारी बैंक की प्रबंधक लता कृष्णन कहती हैं कि समितियों ने 15 करोड़ की खाद अब तक खरीदी है। इससे पहले खरीफ सीजन में भी 20 करोड़ की खाद समितियों के माध्यम से बांटी गई थी। यह सिलसिला पिछले करीब एक हफ्ते से थम गया है, क्योंकि डीआर को सस्पेंड कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि गुना और बमोरी ब्लॉक की समितियों में ही संकट की स्थिति है।  

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