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  • Five years reduced their age; 35 years have passed since the age of 40 for the general category

एमपीपीएससी / पांच साल घटा दी अपनों की उम्र; सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम उम्र 40 के बजाय अब 35 वर्ष हुई



कमलनाथ सरकार ने एमपीपीएससी परीक्षाओं में उम्र की सीमा सभी अभ्यर्थियों के लिए समान कर दी है। कमलनाथ सरकार ने एमपीपीएससी परीक्षाओं में उम्र की सीमा सभी अभ्यर्थियों के लिए समान कर दी है।
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कमलनाथ सरकार ने एमपीपीएससी परीक्षाओं में उम्र की सीमा सभी अभ्यर्थियों के लिए समान कर दी है।कमलनाथ सरकार ने एमपीपीएससी परीक्षाओं में उम्र की सीमा सभी अभ्यर्थियों के लिए समान कर दी है।

  • राज्य सरकार ने पीएससी परीक्षाओं की सीधी भर्ती में आयु सीमा सभी के लिए समान कर दी
  • इससे मप्र के सामान्य वर्ग के युवाओं का सबसे ज्यादा नुकसान
  • सरकार बोली- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन किया 

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 12:31 PM IST

शैलेंद्र चौहान, भोपाल. मध्यप्रदेश में लोक सेवा आयोग यानी पीएससी की सीधी भर्तियों में राज्य सरकार ने बाहरी राज्यों के युवाओं के लिए अधिकतम आयु सीमा 28 से बढ़ाकर 35 कर दी है और इतनी ही आयु सीमा अब प्रदेश के स्थानीय युवाओं के लिए भी तय की है, लेकिन सरकार के इस कदम से प्रदेश के सामान्य वर्ग के युवाओं की अधिकतम उम्र सीमा 40 से घटकर 35 वर्ष हो गई है।

 

आरक्षित वर्ग में भी स्थानीय युवाओं के लिए आयु सीमा 43 से घटकर 40 वर्ष हुई है, लेकिन इस वर्ग में बाहरियों को मौका नहीं मिलता है। हालांकि सरकार का कहना है कि जो भी फैसला हुआ है, वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार है। मुख्यमंत्री से संबद्ध विभागों के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बाहरी और स्थानीय युवाओं के लिए पीएससी परीक्षाओं के लिए आयु सीमा समान की गई है। ऐसा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही किया है। आरक्षित वर्ग और महिलाओं के लिए पांच साल की छूट रहेगी। 


अभी तक प्रदेश के सामान्य वर्ग के 21 से 40 वर्ष तक के युवा पीएससी की सीधी भर्ती परीक्षाओं में बैठ सकते थे, लेकिन अब सिर्फ 35 वर्ष तक की उम्र वाले ही बैठ सकेंगे। यानी सरकार के ताजा फैसले से प्रदेश के सामान्य वर्ग के युवाओं को पांच साल उम्र कम होने का नुकसान उठाना पड़ेगा। 


हाईकोर्ट के फैसले पर संशोधन 
उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष 2018 में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती निकाली थी। पीएससी ने सामान्य प्रशासन के आदेश के मुताबिक मूल निवासियों की आयु सीमा 28 से बढ़ाकर 40 कर दी थी, लेकिन बाहरी प्रदेश के उम्मीदवारों की 28 वर्ष थी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगी थी। हाईकोर्ट ने बाहरी उम्मीदवारों के लिए 28 वर्ष आयु सीमा को गलत ठहराया था।

 

मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने आदेश दिया था कि नियम में बदलाव का अधिकार सिर्फ भारत की संसद को है। संविधान के अनुच्छेद-16 और 16 (2) में दी गई व्यवस्था के अनुसार आयु, जाति और निवास स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता है। 

पहले : अब तक इस नियम से हो रही थी भर्ती 
पीएससी की भर्ती के लिए आयु सीमा निर्धारण पर सामान्य प्रशासन विभाग ने 12 मई 2017 को परिपत्र क्रमांक सी 3-8/2016/3-1 जारी किया था। इसमें स्थानीय की आयु सीमा अधिकतम 40 वर्ष की गई थी। बाहरी के लिए यह 28 वर्ष थी। 


अब : सरकार ने आयु एक समान कर दी 
मंगलवार को जब राज्य कैबिनेट ने बाहरियों की आयु सीमा बढ़ाने का फैसला लिया, तब छह से ज्यादा मंत्रियों ने इसका विरोध किया था। सभी मंत्रियों ने प्रदेश के युवाओं को ज्यादा अवसर देने की बात रखी थी। 


अब सबकी एक समान सीमा 

 

पीएससी में सीधी भर्ती के पदों पर प्रदेश के बाहरी उम्मीदवारों और प्रदेश के उम्मीदवारों सभी के लिए एक समान अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष कर दी गई है। आरक्षित वर्ग(अजा, जजा, ओबीसी) और महिलाओं के लिए आयु सीमा 21 से 40 वर्ष की गई है।

पीसी मीना, एसीएस, सामान्य प्रशासन
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