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लापरवाही / एफओबी और इससे जुड़े हर रैंप में जगह-जगह जंग, कई जगह उखड़ा प्लास्टर

रेल प्रशासन, मंडल के इंजीनियरिंग विभाग और स्टेशन प्रबंधन ने लगातार कमजोर होते ब्रिज के मेंटेनेंस की ओर ध्यान नहीं दिया। रेल प्रशासन, मंडल के इंजीनियरिंग विभाग और स्टेशन प्रबंधन ने लगातार कमजोर होते ब्रिज के मेंटेनेंस की ओर ध्यान नहीं दिया।
प्लेटफाॅर्म 1 की ओर लगे एस्केलेटर का अक्सर यही हाल। प्लेटफाॅर्म 1 की ओर लगे एस्केलेटर का अक्सर यही हाल।
रैंप का जो हिस्सा गिरा था उसे एक प्राइवेट फर्म ने सुधार कर नए सिरे से तैयार कर दिया है। फर्म का दावा है कि पारंपरिक तरीके से यह काम पूरा करने में 25 दिन लग जाते हैं। रैंप का जो हिस्सा गिरा था उसे एक प्राइवेट फर्म ने सुधार कर नए सिरे से तैयार कर दिया है। फर्म का दावा है कि पारंपरिक तरीके से यह काम पूरा करने में 25 दिन लग जाते हैं।
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रेल प्रशासन, मंडल के इंजीनियरिंग विभाग और स्टेशन प्रबंधन ने लगातार कमजोर होते ब्रिज के मेंटेनेंस की ओर ध्यान नहीं दिया।रेल प्रशासन, मंडल के इंजीनियरिंग विभाग और स्टेशन प्रबंधन ने लगातार कमजोर होते ब्रिज के मेंटेनेंस की ओर ध्यान नहीं दिया।
प्लेटफाॅर्म 1 की ओर लगे एस्केलेटर का अक्सर यही हाल।प्लेटफाॅर्म 1 की ओर लगे एस्केलेटर का अक्सर यही हाल।
रैंप का जो हिस्सा गिरा था उसे एक प्राइवेट फर्म ने सुधार कर नए सिरे से तैयार कर दिया है। फर्म का दावा है कि पारंपरिक तरीके से यह काम पूरा करने में 25 दिन लग जाते हैं।रैंप का जो हिस्सा गिरा था उसे एक प्राइवेट फर्म ने सुधार कर नए सिरे से तैयार कर दिया है। फर्म का दावा है कि पारंपरिक तरीके से यह काम पूरा करने में 25 दिन लग जाते हैं।

  • मेंटेनेंस में लापरवाही... रेलवे प्रशासन ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर (वर्क) को किया सस्पेंड
  • नया एफओबी... बीना छोर की ओर बनेगा नया ब्रिज इटारसी छोर वाला ब्रिज प्लेटफॉर्म नं.1 से जुड़ेगा
  • अब जांच... रेल मंडल के सभी एफओबी की जांच के लिए डीआरएम ने जारी किए आदेश

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2020, 08:18 AM IST

भोपाल . भोपाल रेलवे स्टेशन के 28 साल पुराने एफओबी के मेंटेनेंस और सेफ्टी ऑडिट में बरती गई लापरवाही ही गुरुवार सुबह हुए हादसे की वजह रही। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि न केवल दो-तीन नंबर प्लेटफॉर्म की ओर जाने वाले रैंप में बल्कि मुख्य फुट ओवरब्रिज (एफओबी) और अन्य प्लेटफॉर्म के रैंप भी बदहाल स्थिति में हैं। कई जगह गर्डर, एंगल और सरियों में जंग लगा है और कई जगह प्लास्टर उखड़ रहा है।


इधर, गुरुवार को एक रैंप का हिस्सा गिरने से 10 यात्रियों के घायल होने के मामले में शुक्रवार को रेलवे जीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने स्टेशन का दौरा करने के बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियर (वर्क) बीके मिश्रा को सस्पेंड को कर दिया। डीआरएम ने रेल मंडल के सभी एफओबी की जांच करने के आदेश इंजीनियरिंग विभाग को दे दिए हैं। साथ ही पुराने एफओबी का नए सिरे से ऑडिट कर उसकी उपयोगिता जांचने व उपयोगी नहीं होने पर बीना एंड पर नया बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार होगा। 

  • 1960 में बना था एफओबी का मूल स्ट्रक्चर... 1990 में नए सिरे से बना था एफओबी, 1992 में जोड़े गए थे प्लेटफॉर्म के रैंप

कमजोर हो रहे हैं रैंप के नीचे लगे पाइप  प्लेट में जंग लगने से स्लैब भी कमजोर
मेन एफओबी में कई जगह जंग लगी है, जगह-जगह प्लास्टर उखड़ रहा है। इससे रैंप के नीचे लगे स्टिंजर यानी पाइप कमजोर होने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि इस स्टिंजर यानी पाइप को वेल्डिंग के जरिए क्लिट प्लेट से जोड़ा जाता है। इस प्लेट के नीचे ही स्लैब को प्री-कास्ट कर लगाया जाता है। जब प्लेट में जंग लगने लगती है, तो उसके कारण स्लैब भी लगातार कमजोर होने लगते हैं और गिर जाते हैं। इधर, रैंप हादसे की जांच के लिए बनाई गई कमेटी के कन्वेनर व प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी आफिसर एपी पांडेय पुराने एफओबी से संबंधित दस्तावेज सील कर जबलपुर ले गए हैं। पमरे की सीपीआरओ प्रियंका दीक्षित के मुताबिक कमेटी द्वारा एक सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट दे दी जाएगी।

सेफ्टी ऑडिट की दो तारीखों से भ्रम बोर्ड में जनवरी 2019, दावा- मार्च 2019 का
रेल मंडल के डीआरएम व प्रवक्ता ने भोपाल स्टेशन के पुराने एफओबी का ऑडिट इंजीनियरिंग विभाग के माध्यम से 19 मार्च 2019 को किए जाने का दावा किया था। लेकिन दूसरी ओर एफओबी पर जो बोर्ड लगा है, उस पर एसएसई वर्क द्वारा इसकी जांच जनवरी 2019 में होने संबंधी जानकारी है। जांच रिपोर्ट भी वहां पर चस्पा है, जिसमें सेटिसफेक्टरी लिखा हुआ है। इस तरह रेल मंडल से दो तरह की जानकारियां देना भी भ्रम पैदा करने वाली हैं। 


गंभीर घायलों को 50 हजार व सामान्य घायलों को 10 हजार रुपए : मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने इस हादसे में गंभीर रूप से घायल होने वालों को 50 हजार और सामान्य घायलों को 10 हजार रुपए की राहत राशि देने की घोषणा की है।

रैंप सुधारा... दो दिन में हो गया तैयार : रैंप का जो हिस्सा गिरा था उसे एक प्राइवेट फर्म ने सुधार कर नए सिरे से तैयार कर दिया है। फर्म का दावा है कि पारंपरिक तरीके से यह काम पूरा करने में 25 दिन लग जाते हैं।

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