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सावधान / सहकारी गृह निर्माण समितियों में हर स्तर पर चूक, इसलिए लोगों को नहीं मिले प्लाट

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 12:35 PM IST


fraud in housing society bhopal
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fraud in housing society bhopal

भोपाल। राजधानी में हाउसिंग सोसायटी में गड़बड़ी के शिकार लोगों की सुनवाई के लिए रोजाना लोग सहकारिता दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। बावजूद इसके लोगों को न शिकायतों पर अमल हो रहा और न ही लोगों को न्याय मिल रहा है। सालों से पेंडिंग मामले की सिर्फ जांच ही चल रही है। शहर में 580 हाउसिंग सोसायटी रजिस्टर्ड हैं। 


लेकिन इसमें से महज 481 ही चालू हैं, यानि इन सोसायटियों में संचालक मंडल का गठन हो चुका है। हालांकि अभी भी 99 सोसायटी ऐसी हैं। जिनका रिकॉर्ड अब तक सोसायटी के मेंबर नहीं दिया है। सूत्रों की माने तो शहर की 100 से ज्यादा हाउसिंग सोसायटियों में गड़बड़ियों की लगातार लोगों द्वारा शिकायत दर्ज कराई जाती है। लेकिन सहकारिता विभाग के अफसर जांच के नाम पर सिर्फ नोटिस कर देते हैं। आलम यह है कि करीब 1 हजार से ज्यादा ऐसे लोग हैं। जिन्होंने सोसायटी में जमीन के लिए रुपया तो जमा कर दिया। लेकिन प्लाट के लिए अभी भी भटक रहे हैं।


जांच शुरू:  सहकारिता विभाग की विवादित सोसायटियों की जांच अब नई सरकार बनने के बाद शुरू होगी। विभाग जिले की सोसायटियों का रिकार्ड खंगालकर शुरू कर दिया है। गड़बड़ियों वाली 474 सोसायटियों में 76 सोसायटी ऐसी मिली हैं, जिसमें करीब एक हजार लोगों प्लाट नहीं मिले हैं। इन सोसायटियों की 173 शिकायतें भी लंबित चल रही हैं।


एक प्लाॅट की दो रजिस्ट्री : पेरिस हाउसिंग सोसायटी से निर्मला अग्रवाल ने साल 1998-99 में 1000 वर्गफीट का प्लाॅट खरीदा था। 2008-09 में उन्हें पता चला इस प्लॉट की रजिस्ट्री किसी और के नाम कर दी गई है। सोसायटी के छह अन्य सदस्यों के प्लॉट की रजिस्ट्री भी किसी अन्य के नाम कर दी गई। निर्मला पिछले पांच साल से कोर्ट के चक्कर काट रही हैं। अभी-भी मामले की जांच पेंडिंग है। 

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