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शुक्र है / पैर फिसलने से रेलवे ट्रैक पर गिरी किशोरी, ऊपर से गुजरी ट्रेन; पर सुरक्षित बची



घटना के बाद बदहवास योगिता। घटना के बाद बदहवास योगिता।
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घटना के बाद बदहवास योगिता।घटना के बाद बदहवास योगिता।

हादसे में बच्ची को पैर, हाथ समेत कुछ जगह पर चोट आई

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 03:55 AM IST

भाेपाल. मंगलवार शाम करीब 3.50 बजे। बरखेड़ी में ऐशबाग थाने के सामने 14 वर्षीय बच्ची रेलवे ट्रैक पार कर बरखेड़ी रोड जा रही थी। तभी बच्ची का पैर फिसल गया। इसी दौरान अमरकंटक एक्सप्रेस आ गई। बच्ची को ट्रैक से उठने का मौका भी नहीं मिला। लेकिन जब पूरी ट्रेन गुजर गई तो बच्ची उठ के खड़ी हो गई। हादसे में बच्ची को पैर, हाथ समेत कुछ जगह पर चोट आई। शुक्र है उसकी जान बच गई।  

 

सहेली से मिलने जा रही थी...और हो गया हादसा : पिता बाबूलाल के मुताबिक योगिता स्कूल से आने के बाद सहेली से मिलने जा रही थी। इस दौरान ट्रैक को पार करते समय हादसा हो गया। खबर मिलने पर वे बेटी के पास पहुंचे और उसे लेकर शाकिर अली अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टराें ने उसे हमीदिया रैफर कर दिया। जहां उसका इलाज चल रहा है।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्ची के ट्रैक पर गिरने के बाद अचानक से गाड़ी अा गई। बच्ची ने समझदारी दिखाते हुए खुद को पटरियों के बीच में समेट लिया और गाड़ी बच्ची के ऊपर से निकल गई। पूरी गाड़ी निकलने के बाद बच्ची ट्रैक पर बैठ गई। इसके बाद इकट्ठा हुई भीड़ ने बच्ची के पिता को फोन करके मौके पर बुलाया। 

 

ट्रैक गहरा होने से बच गई बच्ची की जान : हर गाड़ी के आगे एक कैटल गार्ड और साइड में रेल गार्ड लगा होता है। इसका काम ट्रैक पर बैठे जानवरों और पत्थरों को हटाने का होता है। कैटल गार्ड की ऊंचाई ट्रैक से 6 इंच होती है। और रेल गार्ड 4.5 इंच होती है। इसके सामने आए पत्थर और जानवर इसके कारण ट्रैक से हट जाते हैं। इससे बचना मुश्किल होता है।

 

इस मामले में बच्ची जिस जगह गिरी होगी, वहां ट्रैक की गहराई  ज्यादा होगी। इसके कारण कैटल गार्ड बच्ची को हिट नहीं कर पाया और उसकी जान बच गई। -सीएस शर्मा, रिटायर्ड रेलवे ऑफिसर

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