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शूटिंग में प्रतिद्वंद्वी नहीं, स्कोर मायने रखता है फिर सामने वर्ल्ड चैंपियन हो या ओलिंपिक मेडलिस्ट : हिना

कांस्य पदक जीतने और चौथा स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों के निशाने में सिर्फ हेयर लाइन का फर्क।

कृष्णा पांडेय | Last Modified - Jul 12, 2018, 06:04 PM IST

  • शूटिंग में प्रतिद्वंद्वी नहीं, स्कोर मायने रखता है फिर सामने वर्ल्ड चैंपियन हो या ओलिंपिक मेडलिस्ट : हिना
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    शूटर हिना सिद्धू ने गोल्डकोस्ट कामनवेल्थ खेलों में गोल्ड मेडल जीता था।

    भोपाल. गोल्डकोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए सोना जीतने वाली स्टार शूटर हिना सिद्धू ने कहा कि शूटिंग में सामने कौन है यह नहीं, स्कोर मायने रखता है। फिर सामने चाहे वर्ल्ड चैंपियन हो या ओलिपिंक गोल्ड मेडलिस्ट। आप अपना काम कीजिए और सोना जीतिए।

    यह बात उन्होंने भोपाल में मप्र राज्य शूटिंग अकादमी में अभ्यास के दौरान दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए कही। वे यहां देश 15 अन्य शूटर्स के साथ नेशनल कैंप में हिस्सा लेने आई हुई हैं। उन्होंने जकार्ता एशियन गेम्स के बारे में खुलकर चर्चा की। हिना ने अप्रैल माह में राष्ट्रमंडल खेलों की 25 मीटर पिस्टल इवेंट में सोना और 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में रजत जीता था।

    जकार्ता में गोल्डकोस्ट जैसी उम्मीद : उन्होंने अभ्यास के बाद कहा कि बेशक जकार्ता में भी गोल्डकोस्ट जैसे सुनहरी चमक दिखेगी। सभी एथलीट यही सोचते हैं कि उनका प्रदर्शन टूर्नामेंट-दर-टूर्नामेंट सुधरे। एशियाड में कॉमनवेल्थ की अपेक्षा कॉम्प्टीशन अधिक टफ होता है। मैं अपने प्रदर्शन को और बेहतर करना चाहूंगी।

    रियो की कसक टोक्यो ओलिंपिक में पूरी करेंगे : रियो ओलिंपिक में भारतीय निशानेबाजों के प्रदर्शन के बारे में वे कहतीं हैं कि वहां निशानेबाजों का पदक न जीतना बेड लक था। हमारे निशानेबाज टॉप-4 तक पहुंचे लेकिन पदक से दूर रहे। इसे मैं लक ही कहूंगी। क्योंकि कांस्य पदक जीतने और चौथा स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों के निशाने में हेयर लाइन फर्क होता है। इसमें टारगेट करना संभव नहीं।

    रियो आेलिंपिक में कमजोर रहा प्रदर्शन : 2012 ओलिंपिक की तुलना में हमारा परफॉरमेंस कमजोर रहा है। लेकिन इसके बाद लोगों ने खेलों की ओर ज्यादा ध्यान दिया है। क्योंकि ओलिंपिक से दो पदकों के साथ लौटने में सबको बुरा लगा, फिर चाहे वह एथलीट हो, फेडरेशनल हो या फिर कोच। खेलों को बढ़ाने के लिए सबकी तरफ से कोशिश हो रही है इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बढ़े हैं। मुझे लगता है कि 2020 में टोक्यो ओलिंपिक में इसके सकारात्मक परिणाम देखने मिलेंगे।

    मेरा काम खेलना है, फेडरेशन का काम वो ही जाने :नेशनल रायफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के साथ अनबन से जुड़े सवाल को वे टाल गईं और सिर्फ इतना कहा कि जो भी इश्यू थे वह फेडरेशन देखेगी। हम यहां कैंप के लिए आए हैं और इसी बारे में बात करें तो अच्छा होगा। मैं एक खिलाड़ी हूं। मेरा जो काम है मैं उसपर ध्यान दूं। जो इश्यू हैं वो हैं ही, मैं उनमें ध्यान बंटाना नहीं चाहती और न ही इस संबंध में कुछ बोलना चाहती हूं।

    कैरियर - हिना सिद्धू

    वर्ल्ड कप
    2013 जर्मनी में 10 मी. एयर पिस्टल में स्वर्ण
    2017 नई दिल्ली में 10 मी. एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में स्वर्ण

    कॉमनवेल्थ गेम्स
    2010 नई दिल्ली, 10 मी. एयर पिस्टल पेयर में स्वर्ण
    2018 गोल्डकोस्ट, 25 मी. पिस्टल में स्वर्ण

    एशियन गेम्स
    2010 गुआंग्झोऊ (चीन) 10 मी. एयर पिस्टल टीम इवेंट में रजत

    एशियन चैंपियनशिप
    2015 कुवैत, 10 मी. एयर पिस्टल में स्वर्ण
    (लंदन और रियो ओलिंपिक में भागीदारी)
    अर्जुन अवॉर्ड : 2014

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    शूटर हिना सिद्धू को टोक्यो ओलिंपिक खेलों से काफी उम्मीदें हैं।
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    हिना भोपाल में शूटिंग के नेशनल कैंप में भाग लेने भोपाल पहुंचीं हैं।
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