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दिवाली / मध्यप्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश दरकिनार, जमकर हुई आतिशबाजी



Heavy smoke pollutes the environment on Diwali night in Bhopal on Wednesday
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Heavy smoke pollutes the environment on Diwali night in Bhopal on Wednesday
  • अातिशबाजी के चलते प्रदेश के महानगरों में सबसे ज्यादा सांस लेने में दिक्कत हुई
  • आदेशों का अनुपालन कराने के लिए आगे नहीं अाए जिम्मेदार

Dainik Bhaskar

Nov 08, 2018, 11:56 AM IST

भोपाल. दिवाली की रात प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। कोर्ट के आदेश थे कि रात 8 से 10 बजे के बीच ही पटाखे चला सकते हैं। लेकिन प्रदेश में बुधवार सुबह से पटाखे चलने शुरू हुए तो देर रात तक गूंजते रहे। गुरुवार सुबह से भी पटाखे चलाए जा रहे हैं। दिल्ली में आदेश का उल्लंघन के आरोप में 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मध्यप्रदेश में एक भी मामला अभी सामने नहीं आया है।

 

आतिशबाजी के चलते भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर का घना आबादी वाला इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। यहां लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। आसमान पर धुएं की परत छा गई। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली की रात प्रदूषण का स्तर क्या रहा, इसके आंकड़े अभी जारी नहीं किए हैं। 

 

अपील करके रह गए : सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने सिर्फ अपील जारी की। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी एसपी को आदेश पालन कराने के कहा गया था। लेकिन कहीं कुछ नहीं हुआ। कोर्ट के आदेश के तहत आदेश की अवहेलना करने वालों पर धारा 188 के तहत कार्रवाई करनी थी। 

 

यह था सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ ‘ग्रीन पटाखों’ के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी थी, जिसमें कम हानिकारक रसायन होने की वजह से कम प्रकाश और ध्वनि होती है। कोर्ट ने पुलिस से इस बात को सुनिश्चित करने को कहा था कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री नहीं हो सकती है और इसका उल्लंघन होने पर संबंधित थाना के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। यह अदालत की अवमानना होगी। कोर्ट ने दिवाली के दिन रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही पटाखों की ऑनलाइन बिक्री भी रोक दी गई थी।

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