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हैरिटेज वॉक / भोपाल के इतिहास को जानने की जिज्ञासा में 40 विद्यार्थी घूमे ऐतिहासिक स्थल



  • स्टोरी टेलर सिकंदर मलिक बने गाइड, यूट्यूब पर सदर मंजिल में नवाब पटौदी की रॉयल वेडिंग दिखाई 
  • छह साल से हो रहा है हैरिटेज वॉक का आयोजन, हर साल बढ़ रही है विद्यार्थियों की संख्या 
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 02:30 PM IST

भोपाल. शहर के इतिहास की नब्ज टटोलने, यहां के रहन-सहन से परिचित होने की जिज्ञासा में मैनिट, बीएसएस और एक्सीलेंस कॉलेज के 40 विद्यार्थी ऐतिहासिक स्थलों में घूमे। वह शहर में आयोजित की गई छठी हेरीटेज वॉक का हिस्सा बने। इसका आयोजन सिविल सर्विसेज क्लब द्वारा किया गया। क्लब 2014 से हर साल इस वॉक का आयोजन कर रहा है। 

 

लोकप्रिय स्टोरीटेलर सिकंदर मलिक ने रविवार की वॉक में 'गाइड' की भूमिका निभाई। सुबह 7 बजे बड़े तालाब के बंधान से शुरू हुई ये वॉक, शीतलदास की बगिया, रानी कमलापति पैलेस, मोती मस्जिद, इकबाल मैदान से होती हुई सदर मंज़िल पर जाकर पूरी हुई। 

 

गाइड ने कहा, एक रोचक अनुभव

सदर मंज़िल पहुंचकर गाइड 'सिकंदर मलिक' ने सभी युवाओं को अपने मोबाइल पर यूट्यूब खोलने को कहा। और फिर उस पर 'पटौदी रॉयल वेडिंग' भोपाल को सर्च करने को कहा। स्टूडेंट को यूट्यूब पर जो वीडियो दिखा वो उसे देखकर दंग रह गए, क्योंकि ये सदर मंज़िल में हुई 'सीनियर पटौदी' की शादी का विडियो था। सिकंदर उस रॉयल वेडिंग के एक एक फंक्शन को समझाते जा रहे थे और युवा उसे विडियो में लाइव देखते जा रहे थे। इसे सिकंदर ने रोचक अनुभव बताया। 

 

भोपाल के इतिहास की कुछ रोचक बातें  

  • राज भोज ने कुल 11 किताबें लिखीं हैं पर इन किताबों में उन्होने भोपाल के बारें में कभी कुछ नहीं लिखा। 
  • भोपाल एक मुस्लिम रियासत थी पर कभी भी यहाँ मुस्लिम प्रधानमंत्री नहीं हुआ। नवाब और बेगम्स के सारे प्रधानमंत्री नॉन-मुस्लिम थे। 
  • राजा भोज की मूर्ति फतेहगढ़ किले के बुर्ज पर स्थापित की गयी है ये किला दोस्त मुहम्मद की पत्नी 'फतह-बेगम' के नाम पर फतेहगढ़ कहलाता था। 
  • महंत शीतलदास ने रानी कमलापति को दोस्त मुहम्मद से मिलवाया था और उनके बीच मध्यस्थता की थी। 
  • भोपाल में पहले गौरैया बड़ी संख्या में हुआ करती थीं, क्योंकि सुबह उठकर पक्षियों को दाना डालना यहां के लोगों की दिनचर्या का हिस्सा था। 
  • आजकल जहां भोपाल बसा हुआ है, वहां पहले 'बर्रु' नाम की घास उगती थी, लोग उस घास को साफ कर कर के भोपाल में बसे हैं। यहां के लोगों को 'बर्रुकाट' भी कहते हैं। 
  •  प्रिंस ऑफ वेल्स ने जब सदर मंज़िल में एक महिला को शासन करते देखा तो उन्होने कहा था 'मुझे लग रहा है कि मैं किसी अरेबियन नाइट' को देख रहा हूं। 
     
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