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मध्यप्रदेश / अब जीका का हाईअलर्ट, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में विशेष निगरानी



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  • डेंगू और चिकनगुनिया के संक्रमण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में जीका बुखार के संक्रमण को रोकने अलर्ट जारी किया 

Dainik Bhaskar

Oct 14, 2018, 06:03 PM IST

भोपाल. राजस्थान में जीका वायरस के 8 और मामलों की पुष्टि हुई। इससे जीका वायरस के मरीजों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर मामले जयपुर के ही हैं। शुक्रवार को जिन 10 मामलों की पुष्टि हुई थी, जिनमें से आठ तो जयपुर के शास्त्रीनगर से ही जुड़े हुए हैं। इधर, मध्यप्रदेश में जीका वायरस को लेकर हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है। उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में विशेष अलर्ट घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश में भोपाल स्थित एम्स में जीका वायरस की जांच होती है।

 

भोपाल में हमीदिया, जेपी और एम्स में मिलेगा इलाज : डेंगू और चिकनगुनिया के संक्रमण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में जीका बुखार के संक्रमण को रोकने अलर्ट जारी किया है। इसके तहत भोपाल के जेपी, हमीदिया और एम्स हॉस्पिटल को सरकारी स्क्रीनिंग सेंटर घोषित किया गया है। ताकि जीका के संदिग्ध मरीज को संक्रमण बढ़ने से पहले जरूरी इलाज मुहैया कराया जा सके। हालांकि स्वास्थ्य संचालनालय से अलर्ट जारी होने के तीन दिन बाद भी टास्क फोर्स की मीटिंग नहीं बुलाई है। इसके चलते निजी अस्पतालों में जीका के संदिग्ध मरीजों की जांच और इलाज को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

 

ज्वाइंट डायरेक्टर इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांगस प्रोग्राम (आईडीएसपी) डॉ. अजय बरोनिया ने बताया कि जीका के संदिग्ध और पॉजिटिव मरीज को सरकारी और निजी अस्पतालों में सिमटोमेटिक एवं सपोर्टिव ट्रीटमेंट दिया जाएगा। इसकी वजह जीका वायरस के इलाज की कोई दवा नहीं होना है। प्रत्येक मरीज में उसके संक्रमण के स्तर को ध्यान में रखकर डॉक्टर्स एंटीबायोटिक दवाओं के सहारे मरीज का इलाज करेंगे। एम्स, जेपी और हमीदिया अस्पताल अधीक्षक को ट्रीटमेंट गाइडलाइन एंड प्रोटोकॉल की जानकारी भेज दी गई है। 

 

जीका वायरस...एडीज मच्छर से फैलता है : यह एडीज एडिज मच्छर से फैलता है। यह ज्यादातर दिन के समय (अलसुबह और दोपहर) काटता है। यह मच्छर डेंगू, चिकनगुनिया और यलो फीवर का कारण भी बनता है। वायरस प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती से उसके बच्चे में भी फैलता है। या शारीरिक संबंध बनाने के दौरान एक से दूसरे इंसान में ट्रांसमिट होता है। संक्रमित इंसान का ब्लड ट्रांसफ्यूजन या ऑर्गेन ट्रांसप्लांटेशन होने पर भी इंफेक्शन फैल सकता है।

 

पहचान के लक्षण : डॉ. बरोनिया के मुताबिक शरीर पर चकते, बुखार तेजी से आना, मांसपेशियों व सिर दर्द, बेचैनी और आंखें लाल होना जीका बुखार का लक्षण है । जीका वायरस की जांच के लिए डॉक्टर्स मरीज के ब्लड का सैंपल लेंगे। इसकी जांच एम्स स्थित रीजनल वायरोलॉजी लैब में होगी। सीएमएचओ डॉ. सुधीर जैसानी के मुताबिक इस संक्रमण को नियंत्रित करने टास्क फोर्स की मीटिंग अगले सप्ताह होगी।

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