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आत्मीयता बढ़ाने के लिए हिंदी भाषा एक सशक्त माध्यम

अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में चल रहे हिंदी सप्ताह के तहत मंगलवार को व्याख्यान का आयोजन किया गया।...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:11 AM IST
अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में चल रहे हिंदी सप्ताह के तहत मंगलवार को व्याख्यान का आयोजन किया गया। शुरुआत में मुख्य वक्ता मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी थे, उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना होना सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि आज मातृभाषा में उर्दू अंग्रेजी के शब्द शामिल होने से दोषपूर्ण हो गई है। हिंदी भाषा आत्मीयता बढ़ाने के लिए एक सशक्त माध्यम है।

भाषा अकेली नहीं बल्कि कई बोलियों का समूह

अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज ने कहा कि भाषाओं का अपना एक संसार होता है। भाषा अकेली नहीं बल्कि कई बोलियों का समूह है। भाव से भाषा बनती है जो कालांतर में सभ्यता का रुप ले लेती है, सभ्यता और संस्कृति एक सिक्के के दो पहलू हैं सभ्यताएं मिट जाती हैं लेकिन संस्कृति और उसके मूल्य पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होते रहते हैं।