एमपीपीएससी / 12 परीक्षाओं से 15 लाख उम्मीदवारों की आस जागी, आयु सीमा 35 साल करने से 1.50 लाख छात्रों की उम्मीदें टूटीं



Hope of 1.50 lakh students broken out of 35 years of age limit in MPPSC
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Hope of 1.50 lakh students broken out of 35 years of age limit in MPPSC

  • हाईकोर्ट के फैसले के चलते बीते एक साल से पीएससी ने किसी नई परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी नहीं किया था
  • सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पदों पर नियुक्ति के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में बदलाव किया गया

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 01:37 AM IST

भोपाल (शैलेंद्र चौहान). आयु सीमा पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब मप्र लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) के माध्यम से होने वाली परीक्षाओं का रास्ता खुल गया है। हाईकोर्ट के फैसले के चलते बीते एक साल से पीएससी ने किसी नई परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी नहीं किया था। सरकार के फैसले से राज्य सेवा और राज्य वन सेवा परीक्षाओं के लिए जल्द नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। हालांकि सामान्य वर्ग के 35 वर्ष से ज्यादा उम्र के उम्मीदवार आयु सीमा कम किए जाने को लेकर मुश्किल में फंस गए हैं। इनकी संख्या करीब 1.50 लाख है, जबकि बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा बढ़ने से उनकी उम्मीद जागी है। पीएससी ने हाईकोर्ट के फैसले पर 14 मई 2018 को सामान्य प्रशासन विभाग से मार्गदर्शन मांगा था। तभी से भर्ती रुकी हुई थीं।

 


यह है मामला- राज्य शासन की सेवाओं में सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पदों पर नियुक्ति के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में बदलाव किया गया है। इसमें बाहरी प्रदेश के युवाओं की परीक्षा के लिए आयु सीमा 28 से बढ़ाकर 35 साल की गई है, लेकिन प्रदेश के युवा उम्मीदवारों की आयु सीमा 40 से घटाकर 35 कर दी गई है।

 

आयु सीमा पर राज्य सरकार के पास थे ये तीन विकल्प :

 

1. सरकार चाहती तो बाहरी और मूल निवासी दोनों के लिए आयु सीमा एक समान 40 वर्ष कर सकती थी। प्रदेश के युवाओं को 5 साल उम्र में कमी का नुकसान नहीं होता।

2. कांग्रेस सरकार के छह महीने हो चुके हैं। इस मामले में सरकार चाहती तो सुप्रीम कोर्ट में वापस से एसएलपी दायर कर सकती थी।

3. दूसरे कई प्रदेशों में आयु सीमा और बाहरी-मूल निवासियों के लिए अलग नियम है। इसका विस्तृत अध्ययन कराने के बाद प्रदेश के युवाओं के लिए ज्यादा अवसर निकाले जा सकते थे।

 

 

  • सरकार को नहीं पता- कितने होंगे प्रभावित : सामान्य वर्ग के युवाओं की 5 वर्ष उम्र घटाने से 35 से 40 वर्ष की उम्र के कितने युवा नुकसान उठाएंगे, इसका हिसाब सरकार के पास नहीं है। :
  • कांग्रेस शासन में एेसा होता था- अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह सरकार के समय एमपीपीएससी में मप्र से जुड़े सवाल ज्यादा होते थे। इससे बाहरी उम्मीदवारों के चयन की गुंजाइश कम होती थी।
  • तब प्रदेश में ऐसा था नियम- पीएससी से सीधे पदों की भर्ती के लिए आयु सीमा निर्धारण पर सामान्य प्रशासन विभाग ने 12 मई 2017 को परिपत्र क्रमांक सी 3-8/2016/3-1 जारी किया था। इसमें मप्र के मूल निवासियों को अधिकतम 40 वर्ष और बाहरियों के लिए 28 वर्ष आयु सीमा तय की गई थी।
  • एससी में सुनवाई के पहले एसएलपी वापस-भाजपा सरकार में उच्च शिक्षा विभाग ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी, लेकिन सुनवाई के पहले ही एसएलपी वापस ले ली। इसलिए एक साल से भर्ती परीक्षा नहीं हो पाई।
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