नई व्यवस्था / किशोरावस्था में हार्मोनल बदलाव बताने के लिए सरकारी स्कूलों के बच्चों की भी होगी काउंसिलिंग

Teenage Hormones: Hormonal changes of adolescence Counselling for  government school students
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Teenage Hormones: Hormonal changes of adolescence Counselling for  government school students

दैनिक भास्कर

Oct 16, 2019, 04:09 PM IST

भोपाल. अब निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के बच्चों की भी काउंसिलिंग की जाएगी। ताकि वे मानसिक रूप से परेशान न हों। इसके लिए जिले में हर ब्लॉक लेवल पर काउंसिलिंग सेंटर बनाए जाएंगे। दरअसल, यह निर्णय 9वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों में किशोरावस्था के दौरान कई प्रकार के परिवर्तन उनकी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के उद्देश्य से लिया गया है।

 

इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। इसके पीछे आयुक्त का तर्क है कि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अपने मन की बात टीचर से कर लेते हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे मानसिक और शारीरिक बदलाव से गुजरने के दौर में अपने मन की बात नहीं कर पाते। इसका असर बच्चों के मानसिक व शारीरिक बदलाव पर दिखाई देता है। 


इसलिए निजी स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में काउंसिलिंग की तैयारी की जा रही है। इस योजना के तहत जिले के सभी ब्लॉकों में काउंसिलिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। हर सेंटर में दो काउंसलर की नियुक्ति की जाएगी। काउंसलर की भर्ती के लिए सरकारी स्कूलों में सामाजिक विज्ञान संवर्ग के शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं।


इस नियुक्ति में उन्हीं शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास अर्हता हो और काउंसलर बनने की इच्छा रखते हों। काउंसलर के लिए शैक्षणिक योग्यता मनोविज्ञान, समाज शास्त्र, मास्टर ऑफ सोशल वर्क, पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग या एमएड मांगी गई है। आयु सीमा 50 वर्ष तय की गई है।

 

काउंसिलिंग इसलिए जरूरी

  • किशोरावस्था में बच्चों में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं।
  • किशोरावस्था में बच्चों की अभिभावकों से बातचीत कम हो जाती है।
  • ऐसे बच्चे अपनी परेशानी किसी से नहीं कह पाते।
  • उन पर कॅरिअर और सपनों का दबाव होता है।
  • उन्हें सही दिशा की जरूरत होती है।

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