मूकबधिर लड़कियों और युवकों से शारीरिक शोषण, तीन बच्चों की मौत; वृद्ध हॉस्टल संचालक पर आरोप

4 वर्ष पहले
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एमपी अवस्थी - Dainik Bhaskar
एमपी अवस्थी
  • 35 से ज्यादा मूक-बधिरों ने किया सामाजिक न्याय विभाग का घेराव 
  • अवधपुरी के बाद अब बैरागढ़ कलां में सामने आई हैवानियत

भोपाल.  अवधपुरी के हॉस्टल में मूक-बधिर युवतियों से ज्यादती के बाद अब भोपाल के बैरागढ़ कलां स्थित मूक-बधिरों के हाॅस्टल में दो युवतियों और चार युवकों से शारीरिक शोषण किए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर खजूरी और होशंगाबाद स्थित हाॅस्टल में रहने वाली दो युवतियों समेत 35 से अधिक मूक-बधिरों ने शुक्रवार सुबह लिंक रोड नंबर-2 स्थित सामाजिक न्याय विभाग के आफिस का घेराव किया।

 

ताली बजाकर और जमीन पर जोर-जोर से पैर पटकते हुए उन्होंने साइन लेंग्वेज जानने वाली अपनी एक्सपर्ट श्रद्धा शुक्ला के माध्यम से हॉस्टल संचालक 71 वर्षीय एमपी अवस्थी पर 14 साल से ज्यादती से लेकर दुष्कृत्य और मारपीट तक के आरोप लगाए हैं। अवस्थी सेना का रिटायर्ड जवान है।

 

श्रद्धा ने बताया कि हॉस्टल संचालक बच्चों को बुरी तरह प्रताड़ित भी करता था। उसकी इसी प्रताड़ना के चलते करीब आठ साल पहले तीन बच्चों की मौत भी हो चुकी है। मूक-बधिरों के प्रदर्शन के कुछ देर बाद ही कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संचालक पर यही आरोप लगाए। हालांकि हबीबगंज सीएसपी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि अब तक के बयानों में हत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। 

 

अगर कुछ ऐसा है तो संबंधित थाने में मृतकों के परिजन शिकायत कर सकते हैं। उसकी जांच होगी। टीटी नगर थाने में पुलिस देर रात तक पीड़ितों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई कर रही थी। इससे पहले मामला सामने आते ही खजूरी पुलिस ने आरोपों में घिरे हॉस्टल संचालक एमपी अवस्थी को हिरासत में ले लिया।

 

14 साल से हो रहा था यौन शोषण :  श्रद्धा ने बताया कि पीड़ित 24 वर्षीय अनाथ युवती 2004 से 2001 तक इस आश्रम की होशंगाबाद स्थित ब्रांच में रही। 2004 में यह अपने परिवार से छूट गई थी। इसे होशंगाबाद के मालाखेड़ी स्थित आश्रम में रखा गया। 2011 एवं 2012 में तबसे कई बार संचालक ने इसके साथ शोषण किया। इसकी कई बार शिकायत भी की। यह फिलहाल भोपाल में रहती है।

 

 दूसरी 18 वर्षीय युवती इंदौर की है। वह इंदौर  पुलिस को मिली थी। पुलिस ने करीब 10 साल पहले उज्जैन स्थित मूक बधिर विद्यालय  में इसका एडमिशन करा दिया। बाद में इसे साईं   विकलांग आश्रम बैरागढ़ भेज दिया गया। वहां इसका एक विकलांग व्यक्ति से विवाह करा दिया।

 

पति से तालमेल नहीं बैठा। अब वह रेलवे स्टेशन या अन्य ऐसे ही किसी सार्वजनिक स्थान पर रहने को मजबूर है। वह 2006 से 2011 तक बैरागढ़ स्थित आश्रम में रही। उसी दौरान उसका यौन शोषण किया गया।

 

आठ साल पहले प्रताड़ना से ऐसे हुई थी तीन बच्चों की मौत

- एक बच्चे की यौन शोषण के बाद शरीर से ब्लीडिंग होने से उसकी माैत हो गई।
- दूसरे को गीले कपड़े में कड़ाके की ठंड में खुले मैदान में खड़ा कर दिया था।   
- तीसरे बच्चे को सिर दीवार में मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। 

 

ऐसे हुआ खुलासा... वाॅट्सएप मैसेज आया तो कड़ियां जुड़ती गई : मूक-बधिरों के साथ हुए शारीरिक शोषण का मामला वाट्सएप मैसेज के बाद सामने आया। यह एक पीड़िता ने वाट्सएप पर रीवा की सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धा शुक्ला को भेजा था।

उन्होंने बताया कि उसके बाद वह उनके संपर्क में आई। उनकी बात सुनने के बाद उसने एक-एक कर सभी को जोड़ा और फिर शुक्रवार को प्रदर्शन कर अपनी बात रखी। इस पूरे मामले में मूक-बधिर अपनी पीड़ा श्रद्धा के माध्यम से ही रख रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक न्याय विभाग के संचालक कृष्ण गोपाल तिवारी से मिलकर अपनी पीड़ा बताई।

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