18 साल तक मैंने कोई पद नहीं मांगा, अब क्यों मांगूगा -सिंधिया

2 वर्ष पहले
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ज्योतिरादित्य सिंधिया - Dainik Bhaskar
ज्योतिरादित्य सिंधिया
  • प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने और राज्यसभा भेजे जाने पर सिंधिया से सवाल

भोपाल . कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने और राज्यसभा भेजे जाने के लिए चल रही अटकलों के बीच रविवार को भोपाल में साफ कर दिया कि वे किसी पद के पीछे नहीं हैं। एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि मैंने बीते 18 साल में कोई पद नहीं मांगा, अब क्यों मांगूंगा। कुर्सी का मुझे कभी मोह नहीं रहा। राजनीति मेरे लिए जनता की सेवा का माध्यम रहा है जिसे में आम कार्यकर्ता के रूप में करता रहूंगा। पार्टी जो जिम्मेदारी सौंपेगी उसका निर्वहन करूंगा। सिंधिया रविवार को यहां कांग्रेस सेवादल के कार्यक्रम में भाग लेने भोपाल आए थे।


उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि एनआरसी और सीएए के माध्यम से आज लोगों की नागरिकता पर सवाल पर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीएए के विरोध में आवाज उठाने वालों पर कठघरे में खड़ा करा हैं। मैं उनसे पूछता हूं कि क्या जनता से उसकी अभिव्यक्ति का अधिकार छीना जा रहा है। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर उन्हें मेजोरिटी से बात तो करना था। सिंधिया ने कहा कि भाजपा जनता के मूल मुद्दों पर ध्यान न देकर नोटबंदी के बाद एक बार फिर गरीब पर प्रहार किया जा रहा है। कांग्रेस ने 70 सालों में अर्थव्यवस्था की जो बुलंद इमारत खड़ी की थी उसे खोखला कर दिया गया है।

सिंधिया बोले - मैं भी देखूंगा छपाक फिल्म, दीपिका के  साहस का किया सम्मा
सिंधिया ने दीपिका पादुकोण अभिनीत फिल्म छपाक का विरोध किए जाने के सवाल पर कहा कि मैं दीपिका के साहस का सम्मान करता हूं। उन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए जो आवाज उठाई है, वह साहसिक है। मैं भी छपाक फिल्म देखूंगा। यदि कोई दीपिका पादुकोण के जेएनयू में जाने को लेकर फिल्म का विरोध कर रहा है तो यह कहां की तुक है। सभी को अभिव्यक्ति का अधिकार है।

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