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सात साल में ही जर्जर हो गया रंगाई केंद्र भवन

डीबी स्टार

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 02:11 AM IST
Bhopal - सात साल में ही जर्जर हो गया रंगाई केंद्र भवन
डीबी स्टार
मध्यप्रदेश में हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने छह जिलों में रंगाई केंद्र स्थापित किए थे। इसके तहत ग्वालियर में भी रंगाई केंद्र का प्रोजेक्ट कालीन पार्क के पास तैयार कराया गया था। ढाई बीघा से अधिक जमीन पर बाउंड्रीवॉल बनाने के बाद हथकरघा विभाग ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के माध्यम से यहां एक हॉल व कमरे भी बनवा दिए।

इस प्रोजेक्ट का निर्माण वर्ष 2011 में पूर्ण हो गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में सात साल में ही यह बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। एक सप्ताह पहले बरसात के दौरान इस परिसर की लगभग 70 फीट लंबी और 10 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल टूटकर गिर गई। हॉल व कमरों की छत का प्लास्टर झड़ रहा है और उनमें से पानी टपक रहा है।

शिकायत मिलने के बाद डीबी स्टार टीम ने मामले की पड़ताल की, तो खुलासा हुआ कि इस रंगाई केंद्र योजना की मॉनीटरिंग एजेंसी हथकरघा विभाग है। उसे जिस घटिया निर्माण की जांच के आदेश देने थे, उसके उलट संबंधित अफसर 20 लाख रुपए की लागत से बनी इस बिल्डिंग में 15 लाख रुपए का मेंटेनेंस कराने की तैयारी में लगे हुए हैं।

एस्टीमेट आने के बाद निर्णय लेंगे

 यह सही है कि रंगाई केंद्र की बाउंड्रीवॉल टूट गई है और इमारत में बारिश का पानी भरा है। इस संबंध में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से मेंटेनेंस के लिए एस्टीमेट तैयार करा रहे हैं। एस्टीमेट फाइनल होने के बाद ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा कि वहां मेंटेनेंस कराना है या नहीं।
रंगाई मशीन तक नहीं

रंगाई घर में कपड़ों व धागों की रंगाई के लिए आधुनिक मशीन लगाई जानी थी। यह मशीन बैंगलुरु की एक फर्म तैयार करती है। इस फर्म ने ग्वालियर में मशीन सप्लाई कर दी, लेकिन जब इसे रंगाई घर में अंदर ले जाने की प्रक्रिया की गई, तो पता चला कि गेट छोटा बन जाने के कारण मशीन यहां नहीं लग सकती है। ऐसे में अफसरों ने आधुनिक मशीन वापिस भिजवा दी। अगर रंगाई घर का प्रोजेक्ट चालू होता, तो चंदेरी और महेश्वर साड़ियों की तरह ही ग्वालियर में बैडशीट्स आदि तैयार करने के लिए 450 से अधिक हैंडलूम इकाइयां काम कर सकती थीं। साथ ही उन्हें सस्ते दाम पर कपड़े-धागे और सरकारी सप्लाई के लिए कॉन्ट्रैक्ट भी मिलते। लेकिन सारी व्यवस्था पर पानी फिर गया।

लगभग 15 लाख रुपए खर्च होंगे

 रंगाई केंद्र इस समय बहुत बुरी हालत में है। मैंने कुछ समय पहले इस बिल्डिंग के मेंटेनेंस के लिए निरीक्षण किया था। उस समय लगभग पांच लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार किया गया था और राशि भी मंजूर हो गई। लेकिन पिछले दिनों इसकी बाउंड्रीवॉल भी टूट गई है। अब इसे ठीक करने में कुल 15 लाख रुपए से अधिक का खर्चा आएगा।
इन सात जिलों में खुले थे रंगाई घर

रंगाई केंद्र का यह प्रोजेक्ट प्रदेश में वर्ष 2007-08 से चल रहा है। इसके तहत पहले चंदेरी, महेश्वर, वारासिवनी, सौंसर और सारंगपुर में रंगाई घर खोले गए थे। इसके बाद वर्ष 2010-11 में ग्वालियर में रंगाई घर का काम शुरू कराया गया था। सभी रंगाई घरों के लिए एक जैसी जमीन, डिजाइन और ड्रॉइंग भी बनवाई गई थी। अन्य सभी स्थानों पर तो रंगाई केंद्र चालू हैं, लेकिन ग्वालियर में यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से फेल हो गया है।

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