कांग्रेस नेत्री ट्विंकल के भाजपा नेता बाप-बेटे दोनों से थे संबंध, युवती ने घर में रहने की जिद की तो दे दी दर्दनाक मौत, किसी को हत्या शक न हो इसलिए अजय ने ट्विंकल के मोबाइल से मैसेज कर लिखी थी ये बात / कांग्रेस नेत्री ट्विंकल के भाजपा नेता बाप-बेटे दोनों से थे संबंध, युवती ने घर में रहने की जिद की तो दे दी दर्दनाक मौत, किसी को हत्या शक न हो इसलिए अजय ने ट्विंकल के मोबाइल से मैसेज कर लिखी थी ये बात

इंदौर इंदौर न्यूज: पिता बोले- मेरी बेटी सुबह-सुबह घर से नाश्ता लेने का बोलकर निकली थी फिर वापस नहीं लौटी

Bhaskar News

Jan 13, 2019, 11:43 AM IST
Indore news Congress leader Twinkle Dagre murder case

इंदौर कांग्रेस नेत्री ट्विंकल डागरे की हत्या का ताना-बाना आरोपी भाजपा नेता व पूर्व महामंत्री जगदीश करोतिया और उसके तीन बेटों ने अपहरण करने के पांच दिन पूर्व ही बुन लिया था। आरोपियों ने कबूला कि ट्विंकल उनके घर में रहने का दबाव बना रही थी। पहले उसने जगदीश करोतिया की पत्नी बनकर रहना चाहा, इसके बाद वह जगदीश के बेटे अजय के संपर्क में आ गई और प्रेम संबंध बना लिए।

मंदिर में चुपचाप शादी भी कर ली। ट्विंकल जिद पर अड़ी थी कि वह परिवार में ही रहेगी। उसका दखल बढ़ा तो पिता-पुत्रों ने उसकी हत्या करने की ठान ली। आरोपियों ने षड्यंत्र रचा और उसका अपहरण कर हत्या कर दी। हत्या के बाद कोई उन पर शक ना करे, इसके लिए 'दृश्यम्' फिल्म देखकर शव को ठिकाने लगाया और एक कुत्ते की हत्या कर पुलिस व पूरे केस की जांच की दिशा घुमाने की कोशिश की।

ऐसे हुआ था इस हत्याकांड का खुलासा
पुलिस भी इस में फिल्म की तर्ज पर उलझी लेकिन बाद में डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने अहमदाबाद में संदेही आरोपियों व ट्विंकल के माता-पिता का बीईओएस (ब्रेन इलेक्ट्रिकल ऑक्सीलेशन सिग्नेचर) टेस्ट करवाया। इसमें काफी हद तक पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने की मदद मिला और हत्याकांड का खुलासा हुआ।

पिता बोले- वो घर से सुबह-सुबह नाश्ता लेने का बोलकर निकली थी फिर वापस नहीं लौटी थी
डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि 16 अक्टूबर 2016 को 22 वर्षीय ट्विंकल पिता संजय डागरे निवासी फ्रीगंज बीमा अस्पताल के पास बाणगंगा घर से सुबह-सुबह नाश्ता लेने का बोलकर निकली थी फिर वापस घर नहीं लौटी थी। इस पूरे मामले में पुलिस ने पहले गुमशुदगी दर्ज की थी। बाद में जांच के बाद परिजन के आरोपों पर 2017 के फरवरी माह में बाणगंगा इलाके के ही रहने वाले भाजपा नेता व पूर्व महामंत्री जगदीश उर्फ कल्लू करोतिया (65) उसके बेटे अजय करोतिया (36), विजय करोतिया(38), विनय करोतिया(31) निवासी कुम्हारखाड़ी बाणगंगा पर अपहरण का केस दर्ज किया था। इन्हीं आरोपियों ने ट्विंकल का 16 अक्टूबर को अपहरण कर उसे पिता जगदीश करोतिया के साथ कार में टिगरिया बादशाह इलाके में ले जाकर अपने साथी नीलू उर्फ नीलेश कश्यप के खेत के पास ले जाकर उसकी हत्या कर दी और शव को दो कचरा गाड़ी नगर निगम से बुलवाकर लकड़ियों में दबाकर जला दिया।


करोतिया ने बदनावर में ऑन कर फेंका मोबाइल
करोतिया ने फिल्म दृश्यम् देखी। उसे जब यह पता चला कि बदनावर में किसी अमित नाम के लड़के से ट्विंकल की शादी तय हो चुकी है तो उसने हत्या के बाद ट्विंकल का मोबाइल बेटों को देकर उसे इंदौर में ही चालू किया और फिर बदनावर में जाकर फेंक दिया। इससे पुलिस को आखिरी लोकेशन बदनावर में मिली।

आरोपी ने ट्विंकल के मोबाइल से मैसेज कर लिखी थी ये बात

हत्या के बाद कोई शक ना करे और जगदीश करोतिया की अच्छी छवि दिखे इसलिए आरोपियों ने शातिराना ढंग से ट्विंकल के मोबाइल का भी इस्तेमाल किया। 15 अक्टूबर को ट्विंकल जब जगदीश करोतिया से मिली थी तो बेटे अजय ने उसका मोबाइल लेकर उसमें एक एसएमएस टाइप किया। अपने पिता के नाम टाइप किया-'डैडी (जगदीश) मुझे आपकी चिंता हो गई है, अब शायद मैं वापस ना आऊं, मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना। मैं इस दुनिया से काफी दूर जा रही हूं, शायद वापस नहीं आऊंगी।' अजय ने इस मैसेज को अपने मोबाइल पर सेंड किया और बाद में ट्विंकल के मोबाइल में सेंड आप्शन में जाकर डिलीट कर दिया। जब आरोप लगे तो अजय ने पुलिस को ये मैसेज दिखाकर गुमराह किया। पुलिस को लगा कि ट्विंकल खुद परेशान होकर आत्महत्या करने कहीं चली गई है और उसका करोतिया से पिता-बेटी का रिश्ता है।


फ्लैट दिखाने के बहाने पहले भी मारना चाह रहे थे
अपहरण से 5 दिन पहले 11 अक्टूबर 2016 को ट्विंकल जगदीश से मिलने के लिए उसके घर आई थी। यहां उसका जगदीश करोतिया की पत्नी से विवाद भी हुआ था।। ट्विंकल को जगदीश की पत्नी ने कपड़े धोने की मोगरी से पीटा था और दीवार में धक्का दे दिया था। पुलिस ने आस-पास के लोगों के बयान को भी नजर अंदाज किया जिसमें उन्होंने ट्विंकल के घर में आने पर जोर-जोर से विवाद व झगड़े की आवाजें सुनी थी। इसी के बाद अगले दिन से ट्विंकल ने जगदीश और उसके बेटे अजय पर घर में साथ रहने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। तभी पिता-पुत्र ने उसकी हत्या करने की ठान ली थी। डीआईजी ने बताया कि ट्विंकल को जगदीश ने अवैध संबंध बनने के बाद उसे इलाके में एक फ्लैट दिलाने का लालच दे दिया था। जब वह उसे फ्लैट दिखाने ले जा रहा था तब भी उसने बेटों के साथ उसकी वहीं हत्या करने की साजिश की थी लेकिन उसमें सफल नहीं हो सके थे।


जगदीश के घर आखिरी लोकेशन, अागे नहीं बढ़ी पुलिस
11 अक्टूबर को ट्विंकल के मोबाइल की लोकेशन भी उसके घर की मिली थी। वर्ष 2017 फरवरी में जब पुलिस ने माता-पिता के द्वारा लगातार की जा रही शिकायत के बाद उनकी रिपोर्ट पर ट्विंकल के अपहरण का केस दर्ज कर आरोपी जगदीश करोतिया व उसके बेटों पर केस दर्ज किया तो लोकेशन के आधार पर शक क्यों नहीं किया यह बड़ा सवाल है। हालांकि अब आस-पड़ोसियों के बयानों को अहमियत देकर 11 अक्टूबर को हुए विवाद के बिंदु को भी जांच में लिया जा रहा है।


कायर करोतिया को मेरे हवाले करो ये मेरी बेटी का हत्यारा है
जगदीश और उसके बेटों को पुलिस गिरफ्तार कर लाई तो ट्विंकल की मां रीटा डागरे का गुस्सा फूट पड़ा। वह खिड़की से चीखती रहीं कि कायर करोतिया को मेरे हवाले करों ये मेरी बेटी का हत्यारा है। इस केस में बेटी के लिए माता-पिता का संघर्ष काफी अहम रहा। मां ने रीगल चौराहे पर डीआईजी ऑफिस के बाहर धरना दिया, आत्मदाह की चेतावनी दी। कोर्ट में वकीलों ने पक्ष को मजबूती से रखा। कोर्ट ने पुलिस को लचर इनवेस्टिगेशन के लिए फटकारा था।


महाजन के यहां भोज में शामिल हुए तो सवाल उठे
जगदीश को अप्रैल 2017 में भाजपा ने महामंत्री बनाया था। बताते हैं कि तत्कालीन विधायक सुदर्शन गुप्ता और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के कोटे से उसे यह पद दिया था। जगदीश राम जन्मभूमि आंदोलन के समय भाजपा से जुड़ा था। उसे दलित नेता के रूप में पार्टी ने आगे बढ़ाया। वह संघ से भी जुड़ा था। जगदीश और अजय लोकसभा स्पीकर के यहां भाईदूज के भोज में भी शामिल हुए तो काफी सवाल उठे थे। भाजपा ने उस वक्त दोनों पर झूठे आरोप होने की बात कही थी। हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान कुशवाह नगर में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ट्विंकल की मां और बहन मिलने गईं, लेकिन शिवराज दोनों से नहीं मिले। इसके बाद मां-बहन ने मुख्यमंत्री और सुदर्शन गुप्ता को लेकर जमकर नाराजगी जताई थी।


कांग्रेस ने किया था जांच का वादा- विधानसभा चुनाव के दौरान जिंसी में राज बब्बर ने प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने के बाद निष्पक्ष जांच और हरसंभव मदद की बात कही थी।


भाजपा के तत्कालीन नगर अध्यक्ष ने कहा- मैंने तो आपत्ति ली थी मैंने करोतिया को महामंत्री बनाने पर आपत्ति लेकर बुलाया था। करोतिया ने कहा था कि उन्हें झूठे केस में फंसाया है। बाद में जगदीश ने बताया कि मुझे पुलिस की क्लीन चिट मिल गई है। विचार-विमर्श के बाद उसे महामंत्री बनाया था। -कैलाश शर्मा, तत्कालीन नगर अध्यक्ष भाजपा


अभी कुछ नहीं बोल पाऊंगा : नेमा
दिल्ली में अधिवेशन में हूं। जानकारी मिली है। आने के बाद ही बोल पाऊंगा। - गोपीकृष्ण नेमा, नगर अध्यक्ष भाजपा



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