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भोपाल / जेईई मेन का पहला फेज़ खत्म : गलतियों से सीखकर कैंडिडेट्स अप्रैल में सुधारें परफॉर्मेंस

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 12:00 PM IST


jee main
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भोपाल। जॉइंट एंट्रेंस एग्ज़ाम (जेईई) मेन का पहला फेज़ शनिवार को हुई एग्ज़ाम के साथ खत्म हो गया। एक्सपर्ट्स के अनुसार अब स्टूडेंट्स को अप्रैल में होने वाली जेईई के साथ ही बोर्ड एग्ज़ाम पर भी ध्यान देना चाहिए क्योंकि एनआईटी और आईआईटी में एडमिशन के लिए बोर्ड में 75 फीसदी अंक ज़रूरी हैं।

 


एक्सपर्ट विजित जैन के अनुसार जेईई मेन के डिफिकल्टी लेवल के आधार पर आसानी से कहा जा सकता है कि कटऑफ बढ़ेगा। पिछली बार 81 फीसदी रहा कट ऑफ इस बार 90 फीसदी तक जा सकता है। जो कैंडिडेट्स जनवरी की जेईई में बेहतर नहीं कर पाए हैं, उन्हें इस एग्ज़ाम में हुई गलतियों से सीख लेते हुए अप्रैल में अपने परफॉर्मेंस को सुधारना चाहिए। बोर्ड की तैयारियों के साथ जेईई के लिए सप्ताह में दो फुल टेस्ट दें। 


जेईई के बाद बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी भी महत्वपूर्ण है। एक्सपर्ट केके शर्मा के मुताबिक यदि आप मेन में अपने परफॉर्मेंस से संतुष्ट हैं तो पूरा ध्यान बोर्ड एग्ज़ाम पर लगाएं। अप्रैल में होने वाली जेईई की तैयारी के लिए स्टूडेंट्स के पास बोर्ड एग्ज़ाम के बाद समय पर्याप्त रहेगा। इसमें अपनी तैयारी को और बेहतर किया जा सकता है। बोर्ड में भी केमेस्ट्री और फिज़िक्स के लिए एनसीईआरटी से तैयारी की जा सकती है। शुरुआती दिनों में बोर्ड एग्जाम पर ज्यादा ध्यान दें। 18 मार्च को कठिन विषयों की परीक्षा खत्म होने के साथ ही जेईई की तैयारी का समय बढ़ा दें। 


बोर्ड की तैयारी पर भी दें ध्यान : जेईई में इक्वल परसेंटाइल लाने वाले स्टूडेंट्स की रैंक अलग-अलग विषयों के परसेंटाइल के आधार पर तय होगी। पहले मैथ्स, फिर फिज़िक्स और अंत में केमेस्ट्री के हायर परसेंटाइल को तवज्जो मिलेगी। ये तीनों भी एक जैसे होने के बाद कैंडिडेट की एज से रैंक का निर्धारण होगा। जेईई मेन के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी आंसर की और स्टूडेंट्स के रिकॉर्डेड रिस्पांस वेबसाइट पर अपलोड करेगी। जो कैंडिडेट्स रिकॉर्डेड रिस्पांस से संतुष्ट नहीं हैं वे क्वेश्चन को चैलेंज कर सकते हैं। हर सवाल के लिए स्टूडेंट्स को एक हज़ार रुपए फीस देना होगी। 

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