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जिंगल हो या गाना, रिकॉर्डिंग के बाद सबसे पहले मेरी पत्नी को सुनाता हूं

मैं अपने परिवार की 6वीं और मेरी बेटी 7वीं पीढ़ी की कलाकार है, जो संगीत से नाता रखती है। हम आज से नहीं, बल्कि डेढ़ सौ सालों...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:11 AM IST
मैं अपने परिवार की 6वीं और मेरी बेटी 7वीं पीढ़ी की कलाकार है, जो संगीत से नाता रखती है। हम आज से नहीं, बल्कि डेढ़ सौ सालों से संगीत से रिश्ता रखते हैं। मैं जब छोटा था उस दौरान पापा के साथ गानों की रिकॉर्डिंग के लिए जाता था। तब मुझे भी गाने का शौक लगा और मैंने संगीत सीखना शुरू किया। मैं 1999 से बॉलीवुड में हाथ पैर मारने लगा था। यह कहना है फोक सिंगर कीर्ति सगाठिया का, वे बुधवार को रवींद्र भवन में होने वाली म्यूजिकल नाइट में परफॉर्म करने के लिए मंगलवार को भोपाल पहुंचे। भास्कर से विशेष बातचीत में उन्होंने अपने जीवन के कई पहलुओं पर बात की।

रहमान ने कहा था- गा भी पाएगा कि नहीं

कीर्ति कहते हैं, मैं कोई भी जिंगल या गाना रिकॉर्ड करता हूं तो सबसे पहले प|ी को सुनाता हूं। सबसे पहले मैं अपने परिवार को संतुष्ट करना चाहता हूं। 2007 में गुरु फिल्म के लिए म्यूजिक डायरेक्टर कर रहे रंजीत बारोट ने एआर रहमान से मुझे पहली बार अपने स्टूडियो में मिलवाया था। तब मैं स्टूडियो के कोने में बैठा था। तब एआर रहमान ने रंजीत से कहा- तुम्हारा सिंगर अभी तक नहीं आया, तब रंजीत ने कहा- वह कब का आ चुका है। तब मैं रहमान से मिला, उन्हाेंने मुझे देखकर कहा- रंजीत, यह गा भी पाएगा कि नहीं, लेकिन बाद में मुझे गाने का मौका मिला। मैं जॉनी लीवर को अपना गॉड फादर मानता हूं। उन्होंने ही मुझे पहली बार स्टेज दिलवाया था और हमेशा आगे बढ़ाया। फील्ड कोई भी हो, सीखना बहुत जरूरी है। सीखने से पेशेंस आता है, तभी हम कामयाब हो सकते हैं।