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राज्यसभा की तीसरी सीट जीतने और सरकार बचाने की जुगत में कमलनाथ ने भोपाल में संभाला मोर्चा

एक वर्ष पहले
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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधायकों को जयपुर भेजने के बाद भोपाल में मोर्चा संभाल रखा है। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधायकों को जयपुर भेजने के बाद भोपाल में मोर्चा संभाल रखा है।
  • बुधवार को दिन भर विधायकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगे और निष्ठा जताने की होड़ रही
  • भाजपा ज्वाइन करने के बाद कल भोपाल आएंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, 13 को दाखिल करेंगे पर्चा
  • कमलनाथ की अपने खास मंत्रियों और दिग्विजय सिंह के साथ सीएम हाउस में गहरी मंत्रणा

भोपाल (संजय दुबे) . कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी ने राज्यसभा की टिकट दे दी है। जबकि, कांग्रेस अपने प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई है। मध्यप्रदेश में 3 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होना है। सत्तारुढ़ कांग्रेस के सामने दो सीटें जीतने का लक्ष्य है। अगर कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे मंजूर हुए तो विधानसभा में सदस्यों की संख्या 206 हो जाएगी। राज्यसभा की सीट जीतने के लिए एक प्रत्याशी को 52 वोट की जरूरत होगी। भाजपा के पास 107 और कांग्रेस के पास समर्थकों को मिलाकर 99 वोट हैं। वोटिंग होने पर भाजपा को 2 सीटें आसानी से मिल जाएंगी। कांग्रेस को 1 सीट से संतोष करना होगा। साथ ही सरकार भी गिर जाएगी। भाजपा के 2 विधायक कमलनाथ के संपर्क में हैं। अगर इन्होंने क्रॉस वोटिंग की, तब भी कांग्रेस को फायदा नहीं होगा।


इस स्थिति से निपटने के लिए कमलनाथ ने अपना गणित बैठाना शुरू कर दिया है। बुधवार शाम कमलनाथ ने मंत्री सचिन यादव, तरुण भनोट, आरिफ अकील और दिग्विजय सिंह के साथ हालात पर चर्चा की है। प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया भी सीएम हाउस में पहुंच रहे हैं। बुधवार को कांग्रेस ने अपने विधायक जयपुर भेज दिए हैं। कांग्रेस नेता इस्तीफा दे चुके विधायकों के संपर्क में होने का दावा करते रहे तो बेंगलुरु शिफ्ट किए गए सिंधिया समर्थक विधायकों ने वीडियो जारी कर इसे भ्रामक और झूठा बताया। साथ ही अपनी पूरी निष्ठा भाजपा में शामिल हो गए ज्योतिरादित्य सिंधिया में जताई है।

बेंगलुरु में कांग्रेस के संकटमोचक बनाए गए डीके शिवकुमार 
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में इस्तीफा दे चुके 22 विधायकों को बेंगलुरु के रिसॉर्ट में ठहराया गया है। इन विधायकों से संपर्क करने के लिए कांग्रेस ने पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार को जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन बुधवार तक वह विधायकों से मिल नहीं पाए हैं, हालांकि उनकी तरफ से कांग्रेस का दावा है कि कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं। वहीं, मंगलवार को बेंगलुरु के विधायकों से संपर्क साधने भोपाल से सज्जन वर्मा और गोविंद सिंह को भेजा गया था, लेकिन वह खाली हाथ लौट आए थे। हालांकि, सज्जन वर्मा ने दावा किया है कि विधायक अब भी उनके संपर्क में हैं और वह कमलनाथ को समर्थन देंगे।

दिग्विजय सिंह ने कहा- फ्लोर टेस्ट होगा 
बुधवार को सीएम कमलनाथ से मिलकर लौटे कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा- "फ्लोर टेस्ट होगा और 100 फीसदी होगा। सरकार चल रही है और पूरे 5 साल चलेगी।" अपना नाम राज्यसभा में भेजे जाने के सवाल पर कहा- वो कमलनाथ जी बताएंगे, उनसे पूछिए। सिंधिया को भाजपा का राज्यसभा प्रत्याशी बनाने पर कहा- उन्हें बधाई, हम भी उन्हें उम्मीदवार बनाते। दिग्विजय सिंह के बयान से स्पष्ट है कि लड़ाई राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर है और संकट में घिरी सरकार को बचाने की हर जुगत भिड़ाई जा रही है।

कमलनाथ सबसे बड़े डॉक्टर हैं: कुणाल चौधरी 
जयपुर जाते समय एयरपोर्ट पर कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कहा- "सभी विधायक हमारे साथ हैं। भाजपा हर हथकंडा अपना ले, लेकिन हमारी सरकार सुरक्षित है। उनके सारे हथकंडों पर हमारे डॉ. कमलनाथ भारी पड़ेंगे। वह सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। जयपुर जाने के सवाल पर कहा कि भाजपा वाले होली मनाने दिल्ली जा सकते हैं तो हम क्यों नहीं? जयपुर घूमने जा रहे हैं। बेंगलुरू ले गए विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है। फ्लोर टेस्ट में वह भी हमारे साथ होंगे।"

सिंधिया कल आएंगे, 13 को पर्चा दाखिल करेंगे
ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को भोपाल आएंगे और 13 मार्च यानि शुक्रवार को राज्यसभा के लिए पर्चा दाखिल करेंगे। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को दोपहर बाद 3 बजे भोपाल आएंगे। वे राजाभोज एयरपोर्ट से सीधे भाजपा प्रदेश कार्यालय आएंगे। यहां पर सिंधिया का स्वागत होगा और 13 मार्च को दोपहर 12 बजे वह राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने विधानसभा परिसर पहुंचेंगे। 

राज्यसभा चुनाव 26 मार्च को, 3 सीटों के लिए वोटिंग
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। अभी भाजपा के पास 8 और कांग्रेस के पास 3 सीटें हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा और पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया का राज्यसभा में कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। इन तीनों सीटों पर 26 मार्च को चुनाव होना है। मध्य प्रदेश की 230 सदस्यों वाली विधानसभा में अभी 228 विधायक हैं। 2 विधायकों के निधन के बाद 2 सीटें खाली हैं, लेकिन मंगलवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ते ही पार्टी के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था।

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