भोपाल / कमलनाथ ने नए मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट पर कहा- अध्ययन के बाद ही जनहित में लेंगे निर्णय



मुख्यमंत्री कमलनाथ। मुख्यमंत्री कमलनाथ।
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मुख्यमंत्री कमलनाथ।मुख्यमंत्री कमलनाथ।

  • इसके पहले मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा था- केंद्र सरकार का मोटर व्हीकल एक्ट-2019, नोटबंदी की तरह एक तानाशाही फैसला
  • परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा- नए मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माना ज्यादा, इसलिए नए नियम लागू नहीं होंगे

Dainik Bhaskar

Sep 02, 2019, 04:20 PM IST

भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट पर अध्ययन के बाद आवश्यक होने पर जनहित में फैसला करेगी। कमलनाथ ने ट्वीट करके यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस एक्ट का सरकार पूरा अध्ययन करेगी। सरकार के लिए जनहित प्राथमिकता है। कमलनाथ ने कहा- अधिकारियों को पड़ोसी राज्यों का अध्ययन कर इसका प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए हैं। समझौता शुल्क को लेकर राज्य सरकार को निर्णय का अधिकार है। 

 

जयवर्धन सिंह भी कर चुके हैं विरोध 

इसके पहले मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी अपने ट्वीट में कहा कि कानून लूट का साधन नहीं हो सकता है। कानून सहूलियत और नागरिकों एवं उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं। केंद्र सरकार का मोटर व्हीकल एक्ट-2019, नोटबंदी की तरह एक तानाशाही फैसला है जिसका मुख्य शिकार गरीब और मध्यम वर्ग ही होगा। देश में कल से ये अधिनियम लागू हो गया। मध्यप्रदेश में इसे अभी लागू नहीं किया गया।

 

 

मप्र में अभी नहीं लागू होंगे ट्रैफिक नियम 
इधर, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने रविवार को कहा था कि नए मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माना ज्यादा है। इसलिए मप्र में अभी ट्रैफिक के नए नियम लागू नहीं होंगे। फिलहाल, वर्तमान दरें ही प्रदेश में लागू रहेंगी। इसमें कई विसंगतियां हैं। मैंने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को अन्य प्रदेशों पर इसके प्रभाव का अध्ययन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है। एक्ट में प्रदेश को भी कुछ मामलों में अधिकार दिए गए हैं।

 

गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि हम नहीं चाहते कि लोगों पर 5-10 हजार रुपए जुर्माना लगे। जहां आवश्यक है, वहां करेंगे- जैसे शराब पीकर वाहन चलाने पर जुर्माना हुआ तो स्वीकार करेंगे, लेकिन विद्यार्थियों व महिलाओं को जिसमें परेशानी होगी, उस पर विचार करेंगे। 

 

अब आगे क्या : राज्य सरकार नए मोटर व्हीकल एक्ट का अध्ययन करेगी। इसकी विसंगतियों को दूर कर जुर्माने की नई दरें तय करेगी।

 

केंद्र ने इसलिए एक्ट सख्त किया : ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालने कराने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए केंद्र सरकार ने जुर्माने की राशि को पांच से दस गुना तक बढ़ाया है। मप्र सरकार जुर्माने की राशि को लेकर फिलहाल सहमत नहीं है। नए नियमों के मुताबिक केंद्र ने जुर्माने की राशि में कई गुना वृद्धि की है। एक्ट के निम्न प्रावधानों पर राज्य सरकार को आपत्ति है।

  •  रेड लाइट जंप पर जुर्माना 100 से बढ़ाकर 5000 रु. तक हुआ। 
  •  दूसरी बार पकड़े जाने पर 2000 से 10000 रु. तक जुर्माना लगेगा।
  •  सीट बेल्ट नहीं लगाने पर जुर्माना 100 रु. था, अब 1000 रु. रहेगा।
  •  ओवरलोड वाहन पर जुर्माना एक हजार रु. था, अब 5000 रु. लगेगा।
  •  तय गति से तेज गाड़ी चलाने पर जुर्माना पांच गुना तक बढ़ाया है।

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