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  • Kamal Nath Said: One Thing That Has Been Said About Shivraj\'s Debt Waiver Is False, We Do Not Want His Certificates

कमलनाथ ने कहा- कर्जमाफी को लेकर कही गई शिवराज की एक-एक बात झूठी, हमें उनका सर्टिफिकेट नहीं चाहिए

3 वर्ष पहले
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  • बोले- शिवराज को कृषि पोर्टल खोलना नहीं आता है, अगर वह पोर्टल देख लें तो उसमें पूरी जानकारी है
  • कमलनाथ ने बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा- मुझे किसानों का सर्टिफिकेट चाहिए, शिवराज का नहीं 

भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा है कि वह बजट का ज्ञान हमें न सिखाएं। हमने बहुत बजट बनाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिवराज की कर्जमाफी को लेकर कही गई एक-एक बात झूठी है। कर्ज माफी की हकीकत सामने लाने के लिए आगे आया हूं। मैं देर से बोलता हूं, कम बोलता हूं, लेकिन झूठ नहीं बोलता हूं।

 

दरअसल, मंगलवार की सुबह शिवराज सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमलनाथ सरकार पर कर्ज माफ नहीं करने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि कमलनाथ ने उन्हें कृषि विभाग की सूचियां भेजी हैं, जबकि कर्ज तो बैंक माफ करते हैं। इससे पहले सुबह कांग्रेसियों ने  21 लाख किसानों के कर्जमाफी के दस्तावेजों का बंडल शिवराज सिंह को उनके निवास पर बतौर सबूत सौंपा था। 

 

इसके बाद कमलनाथ ने अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और कहा- शिवराज सफेद झूठ परोस रहे हैं। वह राहुल गांधी का वीडियो दिखाते हुए कह रहे हैं- 10 दिन में कर्जा माफ कर देंगे। शिवराज प्रदेश के इतने साल मुख्यमंत्री रहे हैं, उन्हें इतनी जानकारी तो होनी चाहिए कि 10 दिन में कर्जा माफ करने का मतलब क्या होता है। 

 

कर्जमाफी की एक प्रक्रिया होती है 
शिवराज सिंह को बुनियादी बात समझनी चाहिए। हमने किसानों के आवेदन मंगाए, हरा सफेद और गुलाबी। इन्हें 15 जनवरी से फार्म भरवाए, जबकि 25 दिसंबर को सरकार के मंत्रिमंडल का गठन हुआ था। 50 लाख किसानों के कर्ज माफी के दायरे में आए। जिसमें आचार संहिता के पहले 21 लाख किसानों का कर्ज माफ कर दिया गया। हमने 10 दिन नहीं, बल्कि दो घंटे में माफ कर दिया। इसकी सारी जानकारी कृषि विभाग के पोर्टल पर है, अगर शिवराज सिंह को पोर्टल देखना आता हो तो उन्हें पोर्टल देख लेना चाहिए। 

 

शिवराज का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए 
कर्जामाफी के लिए 5 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान मार्च में किया गया है, इसके बाद आचार संहिता लग गई थी। अगले बजट में देखिएगा, कितना होगा प्रावधान। एक सवाल में पूछा गया कि 48 हजार करोड़ रुपए का कर्जा माफ करने की बात बात है, लेकिन प्रावधान सिर्फ 1300 करोड़ रुपए ही। कमलनाथ ने कहा कि शिवराज हमें बजट बनाना न सिखाएं, बहुत बजट बनाएं हैं। मुझे किसानों का सर्टिफिकेट चाहिए। शिवराज सिंह का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। 

 

चुनाव आयोग का पत्र मिल गया है, फिर से प्रक्रिया शुरू करेंगे 
चुनाव आयोग ने हमें चिट्ठी लिखी है। आयोग ने 7 मई जारी पत्र में कहा है कि कर्जमाफी की प्रक्रिया फिर से चालू कर सकते हैं। जहां पर चुनाव हो चुके हैं। कर्जमाफी को लेकर शिवराज जिस तरह से लोगों को गुमराह कर रहे थे, जिसमें वह हमारी सरकार द्वारा आचार संहिता का हवाला देकर कर्ज माफी की प्रक्रिया को रोकने की झूठ फैला रहे थे। जबकि चुनाव आयोग का ये पत्र इस बात का गवाह है। वो करते होंगे आचार संहिता का उल्लंघन, हम नहीं करते हैं।