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मध्यप्रदेश: कटनी-चौपन पैसेंजर ट्रेन के 5 डिब्बे पटरी से उतरे, रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया

मौके पर भेजे गए रेलवे के राहत और बचाव दल को रेस्कयू के काम में रोशनी की कमी के चलते आ रही मु्श्किल।

Danik Bhaskar | Apr 15, 2018, 12:08 AM IST
रात करीब 10 बजे हादसे हाेने के चलते राहत और बचाव में आ रही दिक्कतें। रात करीब 10 बजे हादसे हाेने के चलते राहत और बचाव में आ रही दिक्कतें।

भोपाल(मध्यप्रदेश). कटनी से चोपन जाने वाली 51675 डाउन पैसेंजर ट्रेन की पांच बोगियां शनिवार रात करीब 10 बजे पटरी से उतर गईं। इनमें से दो बोगियां पलट गई। जानकारी के मुताबिक, हादसे में 200 यात्री घायल हुए हैं। जिन्हें जिला अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। हादसा कटनी से 35 किमी दूर सालन और पिपरियाकलां के बीच हुआ। मौके पर रेलवे की राहत और बचाव दल को भेजा जा चुका है। रोशनी की कमी के चलते राहत काम में मुश्किलें आ रही हैं। हताहतों की संख्या बढ़ भी सकती है।

घटना से कटनी-सिंगरौली रेल मार्ग ठप

- डीआरएम जबलपुर एमके सिंह के मुताबिक, ट्रेन रात 9:15 बजे कटनी से चली थी। इसमें कुल आठ बोगियां थीं। रात करीब 10 बजे ट्रेन के पीछे की चार बोगियां और गार्ड का केबिन बेपटरी हो गया। कटनी से मेडिकल रिलीफ ट्रेन रात 11:15 बजे घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।

- बोगियों के बेपटरी होते ही तेज आवाज हुई और यात्री एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिसके चलते चीख-पुकार मच गई। घटना से कटनी-सिंगरौली रेल मार्ग ठप हो गया। करीब 18 ट्रेनों का अावागमन प्रभावित हुआ है। अभी हादसे के पीछे की वजह का पता नहीं चल सका है।

पिछले 24 घंटों में ये दूसरा रेल हादसा

बिहार के लखीसराय जिले में शनिवार सुबह करीब चार बजे हुए रेल हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। घटना किउल रेलवे स्टेशन के आउटर के पास हुआ। आउटर सिग्नल होने के चलते ट्रेन की रफ्तार कम थी। ट्रेन में सवार अधिकतर यात्री सो रहे थे, तभी एक जोरदार धमाके की आवाज आई और ट्रेन रुक गई। ट्रेन के रुकते ही जनरल बोगी में चीख-पुकार मच गई। बोगी में पटरी का एक हिस्सा घुस गया था, जिसके चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हो गई दो गंभीर रूप से घायल हो गए।

इस साल 54 बार बेपटरी हो चुकी है रेल

- बता दें कि हाल ही में रेलवे की जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल रेलवे से जुड़े हादसों में कुल 254 लोगों की जान गई। जो पिछले साल 607 के मुकाबले करीब 58% कम रही।
- ट्रेन डिरेलमेंट की घटनाओं में भी इस साल कमी दर्ज की गई। इस साल 54 बार ट्रेन बेपटरी हुई, पिछले साल ऐसे 78 हादसे हुए थे।
- रेलवे क्रॉसिंग पर पिछली साल के 30 हादसों की तुलना में इस साल 17 घटनाएं हुईं।


सल्हना-पिपरियाकलां के बीच हुआ ये रेल हादसा। सल्हना-पिपरियाकलां के बीच हुआ ये रेल हादसा।