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ठेका प्रथा लागू कर सरकारें बना रही मजदूर विरोधी कानून

कस्बे के दास हनुमान मंदिर चौराहे पर मजदूर दिवस मई दिवस के रूप में मनाया गया। मंगलवार सुबह 7 बजे से चौराहे पर हुए...

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 02:00 AM IST
कस्बे के दास हनुमान मंदिर चौराहे पर मजदूर दिवस मई दिवस के रूप में मनाया गया। मंगलवार सुबह 7 बजे से चौराहे पर हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मजदूर दिवस 1 मई 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर में मजदूरों का एक विशाल जुलूस हुआ था। इसी के लिए आज हम मजदूर दिवस मना रहे हैं। इसे संबोधित करते हुए मजदूर यूनियन के लोकेश शर्मा ने कहा कि यह जो मजदूर दिवस मनाया जाता है। आज के दिन मजदूरों ने मांग की थी कि 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन इन मांगों को लेकर आज के दिन मजदूरों ने अमेरिका के शिकागो शहर में आंदोलन के जरिए सबसे पहले 1890 को प्रथम बार मजदूर दिवस मनाया था। उन्होंने कहा कि जो मजदूर दुनिया का पेट भरता है, वह बड़े- बड़े भवन, अस्पताल, सड़क ऐसी कोई चीज नहीं जो मजदूर न बनाता हो, लेकिन आज वहीं इन सभी चीजों से वंचित है। एसयूसीआई के आरोन प्रभारी मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि आज सरकारें मजदूर विरोधी कानून ला रही है। स्थाई काम की बजाए ठेका प्रथा को लागू किया जा रहा है। स्थाई काम कर रहे लोगों कि छंटनी, तालाबंदी के नाम पर हटाया जा रहा है। मजदूरों के अधिकार में हमेशा कटौती करते जा रहे हैं, जो निर्माता है हर चीज बनाने वाले हैं। आज उन्हीं को कुछ नहीं मिल रहा है। इस खाई को मिटाने के लिए तैयार होना होगा, आंदोलन करना होगा। हम सभी को एक होकर आगे बढ़ना पड़ेगा। संचालन कामरेड महेंद्र नायक ने किया। इसमें बड़ी संख्या में मजदूरों ने भाग लिया।

मजदूर दिवस

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मई दिवस पर चौराहे पर प्रदर्शन किया गया।