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ऐसी फसलें उगाएं जिसमें पानी की खपत कम से कम हो

कृषि विज्ञान केंद्र में जल संसद आयोजित की गई। लोगों को जल के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कराई गई इस संसद का...

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 02:00 AM IST
कृषि विज्ञान केंद्र में जल संसद आयोजित की गई। लोगों को जल के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कराई गई इस संसद का शुभारंभ नगर परिषद अध्यक्ष श्रीकृष्ण सिंह रघुवंशी ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया। अतिथियों के स्वागत के बाद जल संरक्षण एवं संवर्धन पर कृषि विज्ञान केंद्र आरोन से वरुण जादौन ने जल संरक्षण पर मार्गदर्शन दिया।

उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में जल का क्या महत्व है, आज पानी का उपयोग कृषि पद्धति में भी अत्यधिक मात्रा में हो रहा है, हमें ऐसी फसलें उगानी चाहिए जिस में पानी की खपत कम से कम हो। आज से कई सालों पहले यह चेतावनी दी गई है कि अगला विश्व जब भी होगा, वह जल के ऊपर होगा। पूरे देश में 71 फीसदी जल है और 29 प्रतिशत भूमि है जिसमें से 3फीसदी ही मनुष्य वनस्पति और पशुओं के उपयोग के लिए पानी उपलब्ध है। हमें बारिश के पानी का अधिक से अधिक संरक्षण करना चाहिए। प्राचीन समय में 4 माह बारिश होती थी, लेकिन आज 30 से 40 दिन ही बरसात होती है। हमें अधिक से अधिक जल संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक भी करना है।

कृषि विभाग के एसएडीओ श्री भदौरिया ने उन्नत कृषि के ऊपर जानकारी दी। एसडीएम अरविंद वाजपेयी ने चलो कुआं बावड़ी अभियान की तारीफ करते हुए अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के अभियान चलाने की बात कही। तहसीलदार निर्मल सिंह राठौर, नगर परिषद अध्यक्ष श्री रघुवंशी, ब्लॉक समन्वयक मप्र जन अभियान परिषद प्रमोद रघुवंशी आदि ने जल संरक्षण पर अपनी बात कही।

कार्यक्रम कें अंत में आखिर में चलो कुआं बावड़ी की ओर अभियान के तहत माता मूडरा गांव, सालय, बूढ़ा डोंगर आदि गांवों में श्रमदान करने वालों का सम्मान माल्यार्पण व कलम से किया गया। संचालन राघवेंद्र शर्मा ने किया। इसमें मप्र जन अभियान परिषद ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति की विशेष भूमिका रही।