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वृषभमति माताजी ने पूरी चेतना के साथ अपनी देह को छोड़ा : अनंतमति माताजी

आर्यिका विज्ञानमति माताजी की शिष्या आर्यिका वृषभमति माताजी की मंगलवार को संल्लेखना पूर्वक सागर में समाधि लीन हो...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:15 AM IST

वृषभमति माताजी ने पूरी चेतना के साथ अपनी देह को छोड़ा : अनंतमति माताजी
आर्यिका विज्ञानमति माताजी की शिष्या आर्यिका वृषभमति माताजी की मंगलवार को संल्लेखना पूर्वक सागर में समाधि लीन हो गई। माताजी की अंतिम यात्रा में जैन युवा वर्ग के संरक्षक शैलेंद्र श्रंगार, विनोद मोदी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।

युवा वर्ग अध्यक्ष विजय जैन ने बताया कि आर्यिकाश्री कुछ महीने से अस्वस्थ चल रहीं थी। मंगलवार को ब्रह्ममुहूर्त में प्रभू का नाम जपते हुए उन्होंने अंतिम सांस ली। माताजी के संघ का कई बार हमें सानिध्य मिला है। पिछले साल आरोन पंचकल्याणक के बाद विज्ञानमति माताजी संघ यहां आया था।

गंज मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका अनंतमति माताजी ने कहा कि वृषभमति माताजी की संल्लेखना कई दिनों से सागर में चल रही थी। उनकी अस्वस्थता को देखते हुए यहां से मणिबाई जी और आभा दीदी को गुरु देव के आशीर्वाद के साथ भेजा था। समाचार मिला कि उन्होंने पूरी चेतना के साथ अपनी देह को छोड़ा। यही साधक का अंतिम लक्ष्य होता है। आचार्य श्री के आशीर्वाद से उन्होंने अपनी साधना को सावधानी पूर्वक बढ़ाते हुए समाधि को प्राप्त किया। आर्यिका निर्वेगमति माताजी ने कहा कि वे सघंस्थ आर्यिका सविनयमति माताजी की गृहस्थ जीवन की बहन थीं। उनका प्रारंभ से ही धर्म और धर्मात्मा के प्रति गहरा जुड़ाव था।

मंदिर में प्रवचन देती माताजी।

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