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तीन माह की तनख्वाह नहीं दी कर्मचारियों को

डीबी स्टार

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:25 AM IST

डीबी स्टार भोपाल/ग्वालियर

बिजली कंपनी के अफसरों ने अगस्त 2015 में मीटर रीडर, लाइनमैन, की पंच ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे कुशल व अकुशल कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर रखा था। इसके लिए दिल्ली की फर्म जुपिटर एडमिनिस्ट्रेटिव एंड सिक्योरिटी सर्विसेज को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। कंपनी ने बिजली कंपनी के ग्वालियर रीजन में तीन हजार कर्मचारियों की नियुक्ति की। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में लेटलतीफी के कई मामले सामने आए थे। दिसंबर 2017 में इस कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हुआ, लेकिन वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए बिजली कंपनी ने तीन माह के लिए कॉन्ट्रैक्ट बढ़ा दिया। ऐसे में जुपिटर कंपनी ने इन कर्मचारियों को वेतन का भुगतान बंद कर दिया। कुछ जोन पर पदस्थ कर्मचारियों को 10 से 15 दिन का भुगतान किया, तो कुछ को सैलरी नहीं दी गई। जोन में लगभग एक हजार ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्होंने तीन माह तक बिना वेतन के काम किया। कर्मचारी भी इस उम्मीद में काम करते रहे कि अगली कंपनी इन्हीं कर्मचारियों को नौकरी पर रख लेगी, लेकिन एक अप्रैल को इन कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया। अब ये कर्मचारी अपने तीन माह के वेतन और नौकरी ढूंढने के लिए परेशान हो रहे हैं। इस संबंध में मप्र बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने भी कंपनी से शिकायत की है। बिजली कंपनी के अफसरों ने भी इन कर्मचारियों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया।

ये है वेतन का गणित: जुपिटर कंपनी ने दो श्रेणियों में कर्मचारियों की नियुक्ति की थी। इसमें लाइनमैन, सब स्टेशन ऑपरेटर, की पंच ऑपरेटर जैसे तकनीकी कर्मचारियों को कुशल व मीटर रीडर, चपरासी जैसे कर्मचारियों को अकुशल श्रेणी में रखा गया था। इनको औसतन 10 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता था। इस हिसाब से लगभग एक हजार कर्मचारियों को तीन माह में तीन करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना था, जो नहीं किया गया है।

पीएफ का भी विवाद

कर्मचारियों के वेतन में से प्रोविडेंट फंड के कटौत्रा को लेकर भी विवाद है। कंपनी ने वेतन में से पीएफ की राशि की कटौती तो की, लेकिन उसे भविष्य निधि कार्यालय में जमा नहीं कराया। कई कर्मचारियों ने अपने पीएफ स्टेटमेंट के लिए कंपनी से पत्राचार किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

कंपनी ने दिया धोखा

 आउटसोर्सिंग पर एसटीएम डिवीजन सहित विभिन्न जोन और सब स्टेशनों पर काम कर रहे कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया है। उनका ईपीएफ भी जमा नहीं किया गया है। हमने पीएफ की सत्यापित प्रति मांगी थी, लेकिन वह कंपनी ने उपलब्ध नहीं कराई है। मनोज भार्गव, प्रांतीय संयोजक, मध्यप्रदेश बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन

वेतन दिलाएंगे

 जिन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है, वे इस मामले की शिकायत करें। हम हेड ऑफिस को लेटर लिखकर मामले की जानकारी देंगे और कंपनी के सिक्योरिटी डिपॉजिट से रिकवरी कर वेतन की राशि दिलाएंगे। कर्मचारियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। डीपी अहिरवार, सीजीएम ग्वालियर रीजन, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

कुछ पेमेंट बाकी है

 हमारा सेलरी मंथ 28 से 27 तारीख तक चलता है। ऐसे में कुछ कर्मचारियों के कुछ दिन के पैसे बकाया हो सकते हैं। हम उन्हें जल्द ही भुगतान कर देंगे। जहां तक पीएफ की बात है, तो हमने सभी कर्मचारियों का पीएफ समय से जमा कर दिया है। जीतेंद्र सिंह, डायरेक्टर मार्केटिंग, जुपिटर एडमिनिस्ट्रेटिव एंड सिक्योरिटी सर्विसेज

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Web Title: तीन माह की तनख्वाह नहीं दी कर्मचारियों को
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