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गर्ल्स रिजर्वेशन से बढ़ीं 779 सीटें, 15 हजार रैंक वाली को भी मिलेगी IIT

जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई करने वाली गर्ल्स के लिए इस बार ज्यादा मौके हैं। वजह है कि टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:25 AM IST
गर्ल्स रिजर्वेशन से बढ़ीं 779 सीटें, 15 हजार रैंक वाली को भी मिलेगी IIT
जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई करने वाली गर्ल्स के लिए इस बार ज्यादा मौके हैं। वजह है कि टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में जेंडर गैप को घटाने के लिए एमएचआरडी के निर्देशों के मुताबिक गर्ल्स रिजर्वेशन के कारण सभी आईआईटी में कुल 779 सीट्स बढ़ गईं हैं। मिनिस्ट्री के सुझाव के मुताबिक, जेईई एडवांस के लिए गर्ल्स की अलग मेरिट लिस्ट बनेगी, जिससे तय होगा कि सभी आईआईटी में 14 परसेंट एडमिशन गर्ल्स को मिले। शहर के जेईई एक्सपर्ट का कहना है कि अगर जेईई एडवांस के लिए गर्ल्स ज्यादा मेहनत करें, तो गर्ल्स रिजर्वेशन के कारण अच्छी परफॉर्मर्स को मेन स्ट्रीम और एवरेज स्टूडेंट्स को ऑफ बीट ब्रांच आसानी से मिल सकती है।

गर्ल्स का रेश्यो बढ़ाना है मकसद

एक्सपर्ट के अनुसार इस बार काउंसलिंग के 9 राउंड होंगे। अभी तक आईआईटी में दाखिला लेने वाली गर्ल्स का रेश्यो 8 परसेंट ही था। 2017 में आईआईटीज की 10587 सीट्स पर एडमिशन दिया गया, जिसमें 1006 गर्ल्स थीं। इस परसेंटेज को बढ़ाने के लिए 779 सुपरन्यूमरेरी सीट्स क्रिएट की गईं हैं। हालांकि इससे मेल कैंडिडेट्स के लिए उपलब्ध सीटें नहीं घटेंगी।

कॉमन लिस्ट में सिलेक्ट होने पर ज्यादा फायदा

एक्सपर्ट सुमित गर्ग ने बताया 5 हजार रैंक वाली कैंडिडेट गर्ल्स कैटेगरी में टॉप करती हैं, तो कॉमन रैंक में उसे टैक्सटाइल ब्रांच और गर्ल्स रिजर्वेशन में मुंबई आईआईटी में इलेक्ट्रिकल ब्रांच मिल सकती है। पिछले साल 9 हजार रैंक पर सीट अलॉटमेंट रुक गया था। गर्ल्स रिजर्वेशन में सीट बढ़ने से अब 6 हजार रैंक तक गर्ल्स को मेनस्ट्रीम बीट्स मिल जाएंगी, जबकि 15 हजार तक रैंक लाने वाली गर्ल्स को ऑफ बीट ब्रांचेस मिल सकती है।

मुख्य आईआईटी में इतनी सीट्स बढ़ीं, अब कुल सीट्स

खड़गपुर 113 1341

धनबाद 95 962

कानपुर 79 827

भुवनेश्वर 76 180

रूड़की 68 1065

दिल्ली 59 851

मुंबई 58 880

गुवाहाटी 57 660

गर्ल्स रिजर्वेशन सीट कुल : 779



यूएस और इंंडियन क्लास के गर्ल्स रेश्यो में 41.5 प्रतिशत का अंतर

आईआईटी की ओर से जारी एक स्टडी में सामने आया था कि आईआईटी में एडमिशन के लिए आने वाली 5 एप्लीकेशंस में सिर्फ एक ही गर्ल कैंडिडेट की होती है। 2016 में आईआईटी की कुल 10500 सीट थीं, जिसमें सिर्फ 830 सीट्स गर्ल्स के नाम रहीं। जबकि 2016 में ही जेईई क्वालिफाई करने वाली गर्ल्स की संख्या तकरीबन 2200 ग‌र्ल्स थी। आईआईटी दिल्ली की रिसर्च के अनुसार, हर सेमेस्टर में औसतन गर्ल्स, मेल्स के मुकाबले एक ग्रेड पॉइंट आगे रहती हैं। हालांकि जेईई रैंक में उन से पीछे रहती हैं। वर्तमान में आईआईटी में पढ़ने वाली गर्ल्स सिर्फ 8 परसेंट हैं, जबकि यूएस के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में यह आंकड़ा 49.5 प्रतिशत है। आईआईटी में गर्ल्स की संख्या बढ़ाने के लिए इस साल 14 प्रतिशत रिजर्वेशन भी दिया गया है, जिसे 2019 में 17 प्रतिशत और 2020 में 20 प्रतिशत तक कर दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

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