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मप्र में तो पाटीदार ओबीसी, फिर भी नहीं बन रहे जाति प्रमाणपत्र

गुजरात में पाटीदार समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन की अगुअाई कर रहे हार्दिक पटेल के साथ मिलकर मप्र का...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:10 AM IST
गुजरात में पाटीदार समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन की अगुअाई कर रहे हार्दिक पटेल के साथ मिलकर मप्र का पाटीदार समाज भी आंदोलन की तैयारी कर रहा है। चुनावी साल में इसे मुद्दा बनाने के लिए तैयारी की जा रही है। प्रदेश के पाटीदारों का तो यह भी तर्क है कि मप्र में भले ही पाटीदारों को पिछड़ा वर्ग का माना जा रहा है, लेकिन इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके पीछे राजस्व अफसरों द्वारा उनके जाति प्रमाणपत्र न बनाया जाना है। समाज के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र पाटीदार का कहना है कि 19 अप्रैल को राजधानी के पास झरखेड़ा में आयोजित किए जा रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और समाज के नेता हार्दिक पटेल को बुलाया गया है। उनसे समाज के जाति-प्रमाणपत्र के मामले को सुलझाने की मांग करेंगे। वरना आगे आंदोलन किया जाएगा।

समाज के लोगों का कहना है कि मप्र में पाटीदारों को पिछड़ा वर्ग में ही शामिल किया गया है। राजस्व रिकाॅर्ड में पाटीदारों की जाति गुजराती दर्ज है। यह तर्क देकर अधिकारी उनका जाति प्रमाणपत्र बनवाने में आनाकानी कर रहे हैं। 18 मई 2013 को शुजालपुर में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि प्रदेश में पाटीदारों के पिछड़ा वर्ग के प्रमाणपत्र बनने में कोई अड़चन नहीं आएगी। इसके बाद भी अफसरों ने घोषणा पर अमल नहीं किया।

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