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मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के लिए राज्यपाल को भेजा नाम

लीगल रिपोर्टर | भोपाल/ जबलपुर प्रदेश में पिछले 8 सालों से खाली पड़े राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के पद पर...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:10 AM IST
लीगल रिपोर्टर | भोपाल/ जबलपुर

प्रदेश में पिछले 8 सालों से खाली पड़े राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति के मामले में सोमवार को राज्य सरकार ने बताया कि अध्यक्ष के नाम की अनुशंसा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को भेज दी है। सरकार के जवाब को रिकार्ड पर लेते हुए चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विजय शुक्ला की खंडपीठ ने मामले का अंतिम निराकरण कर दिया। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि अब अगर सरकार ने उक्त पद पर नियुक्ति नहीं की तो हम जुडीशियल ऑर्डर पारित कर नियुक्ति कर देंगे। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ पीजी नाजपांडे ने 2015 में याचिका दायर कर कहा था कि आयोग के अध्यक्ष का पद 14 अगस्त 2010 से रिक्त पड़ा है। इसके पहले 2012 में भी याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट 15 अप्रैल 2014 को अंतिम फैसला दिया था।

ऐसे होता है गठन : मानवाधिकार आयोग अधिनियम 1993 की धारा 21 के तहत आयोग का गठन होता है। इसमें अध्यक्ष सहित तीन सदस्य होते हैं। आयोग का अध्यक्ष किसी भी हाईकोर्ट का सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस होता है। एक्ट की धारा 22 के तहत 4 सदस्यीय कमेटी चेयरमैन का चुनाव करती है। कमेटी में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और गृह मंत्री होते हैं। एक्ट की धारा 24 के तहत चेयरमैन का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। चेयरमैन के लिए अधिकतम आयुसीमा 70 वर्ष है।