सोलह साल बाद सिंधिया ने मप्र सरकार से मांगा सरकारी बंगला / सोलह साल बाद सिंधिया ने मप्र सरकार से मांगा सरकारी बंगला

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May 25, 2018, 03:20 AM IST
सोलह साल बाद सिंधिया ने मप्र सरकार से मांगा सरकारी बंगला
कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अब भोपाल में डेरा जमाने की तैयारी में हैं। उन्होंने मप्र सरकार से शासकीय आवास यह दलील देते हुए मांगा है कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य को लेकर बार-बार जाना पड़ता है। मप्र से सांसद भी हूं, इसलिए भोपाल में सरकारी आवास की पात्रता रखता हूं। बिना देर किए आवास दिया जाए। सोलह साल से सांसद सिंधिया के अचानक सरकारी बंगला मांगे जाने को चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। सिंधिया भी भोपाल में सक्रियता बढ़ाएंगे।

उन्होंने 23 मई को ही शासन को शासकीय आवास के लिए पत्र लिखा है। साफ है कि सिंधिया को सरकारी बंगला मिलता है तो वह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बाद तीसरा बड़ा पॉवर सेंटर होगा। सिंधिया वैसे भी इस बार कुछ अलग अंदाज में ही समन्वय की राह पर चल रहे हैं। पहले वे जीतू पटवारी से मिले और बाद में दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह से। सिंधिया के भोपाल में सरकारी आवास मांगे जाने की एक वजह और भी बताई जा रही है कि चुनाव अभियान समिति में 15 लोग हैं। इसमें कांतिलाल भूरिया और अरुण यादव और विवेक तन्खा के साथ रीवा, जबलपुर भोपाल और बुंदेलखंड के भी लोग हैं। रणनीतिक मीटिंग में यह सरकारी आवास सहयोगी साबित होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में खोई ताकत जुटाने में लगी पार्टी के लिए सिंधिया का भोपाल में डेरा जमाना फायदेमंद होगा।

मुश्किल में गृह विभाग

अनिल गुप्ता | भोपाल

कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अब भोपाल में डेरा जमाने की तैयारी में हैं। उन्होंने मप्र सरकार से शासकीय आवास यह दलील देते हुए मांगा है कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य को लेकर बार-बार जाना पड़ता है। मप्र से सांसद भी हूं, इसलिए भोपाल में सरकारी आवास की पात्रता रखता हूं। बिना देर किए आवास दिया जाए। सोलह साल से सांसद सिंधिया के अचानक सरकारी बंगला मांगे जाने को चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। सिंधिया भी भोपाल में सक्रियता बढ़ाएंगे।

उन्होंने 23 मई को ही शासन को शासकीय आवास के लिए पत्र लिखा है। साफ है कि सिंधिया को सरकारी बंगला मिलता है तो वह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बाद तीसरा बड़ा पॉवर सेंटर होगा। सिंधिया वैसे भी इस बार कुछ अलग अंदाज में ही समन्वय की राह पर चल रहे हैं। पहले वे जीतू पटवारी से मिले और बाद में दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह से। सिंधिया के भोपाल में सरकारी आवास मांगे जाने की एक वजह और भी बताई जा रही है कि चुनाव अभियान समिति में 15 लोग हैं। इसमें कांतिलाल भूरिया और अरुण यादव और विवेक तन्खा के साथ रीवा, जबलपुर भोपाल और बुंदेलखंड के भी लोग हैं। रणनीतिक मीटिंग में यह सरकारी आवास सहयोगी साबित होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में खोई ताकत जुटाने में लगी पार्टी के लिए सिंधिया का भोपाल में डेरा जमाना फायदेमंद होगा।

सरकारी बंगलों के आवंटन का काम करने वाले गृह विभाग के सामने सबसे बड़ी मुश्किल है कि सिंधिया को कौन सा बंगला दिया जाए। अभी कई दावेदार कतार में हैं। स्व. सुंदरलाल पटवा के निधन के बाद उनके भतीजे व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेंद्र पटवा 74 बंगले स्थित आवास में रह रहे हैं, जबकि बगल वाला बंगला भी उनके पास था, जो अब राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को आवंटित कर दिया गया है। राज्यमंत्री विश्वास सारंग लिंक रोड पर रह रहे हैं और इससे लगा हुआ बंगला भी लेने के लिए उनकी ओर से आवेदन किया गया है। मंत्री रामपाल सिंह के शासकीय आवास से लगा हुआ बंगला भी वे ही इस्तेमाल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रियों को छोड़कर अन्य सभी जनप्रतिनिधियों को विशिष्ट मानते हुए बंगले का आवंटन किया जाता है। सिंधिया ने अपनी ओर से यह नहीं कहा है कि उन्हें 74 बंगले में ही आवास दिया जाए।



चुनाव से पहले सिंधिया भी डालेंगे भोपाल में डेरा

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