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आपके लक्षण नहीं दिख रहे कि जिला ओडीएफ हो पाएगा

खुले में शौच से मुक्त करने के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लक्ष्य को 14 जिलों के रवैये कारण झटका लगा है। मुख्य...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:30 AM IST
खुले में शौच से मुक्त करने के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लक्ष्य को 14 जिलों के रवैये कारण झटका लगा है। मुख्य सचिव बीपी सिंह ने गुरुवार को इन चौदह जिलों के कलेक्टरों से सीधी बात की और उनके कामकाज की तरीकों पर नाराजगी जाहिर की। सतना कलेक्टर मुकेश कुमार शुक्ला को तो उन्होंने लगभग डांटते हुए कहा कि आपके लक्षण नहीं दिख रहे कि काम हो पाएगा। दस-बीस हजार से अधिक शौचालय बनने हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 12 मई को ही एक कार्यक्रम में कहा था कि 2 अक्टूबर 2018 को पूरा मप्र खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) हो जाएगा। चौदह जिलों की परफार्मेंस से यह लक्ष्य पाना नामुमकिन हो गया है।

मुख्य सचिव ने ओडीएफ में पिछड़े 14 जिलों सतना, सिंगरौली, अशोक नगर, पन्ना, शिवपुरी, अनूपपुर, कटनी, शहडोल, उमरिया, भिंड, छतरपुर, दमोह, श्योपुर व टीकमगढ़ के कलेक्टरों से कहा कि कोई दिक्कत है या हमसे कोई सहयोग लेना हो तो बताएं, लेकिन कोशिश करें कि समय से लक्ष्य पूरा हो जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि जहां पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाया है, वहां अच्छा काम नहीं हुआ है।

ऐसा लगता है कि महिला विरोधी हो गए कलेक्टर

सीएस ने कहा कि महिला स्व सहायता समूहों को राशन दुकानों का आवंटन नहीं किया जा रहा। प्रदेश में 5 हजार में से सिर्फ 1300 राशन दुकानें उनके नाम हंै। क्या जिलों के कलेक्टर महिला विरोधी हो गए हैं। यदि एेसा ही रहा तो जिलों में महिला कलेक्टर रखनी पड़ेंगीं। जहां महिला कलेक्टर हैं, वहां ठीक काम हो रहा है।

अप्रैल के आंकड़ों से सामने आई जिलों की हकीकत

जिला लक्ष्य बने

उमरिया 5689 471

पन्ना 8572 1382

भिंड 8771 1418

छतरपुर 13281 2469

सतना 11626 2169

दमोह 10019 2010

शिवपुरी 9472 1908

अनूपपुर 5659 1226

सिंगरौली 15577 3436

कटनी 7888 1865

टीकमगढ़ 7546 1899

शहडोल 8968 2683

श्योपुर 7800 2567

अशोकनगर 4494 1781