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पेट्रोल-डीजल से सरकार को एक हजार करोड़ आय घटने का अनुमान था, दाम बढ़े तो 190 करोड़ रुपए ज्यादा मिले

अप्रैल माह में पिछले साल की तुलना में राज्य सरकार को 16% ज्यादा राजस्व मिला गुरुदत्त तिवारी | भोपाल दामों में...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:30 AM IST
पेट्रोल-डीजल से सरकार को एक हजार करोड़ आय घटने का अनुमान था, दाम बढ़े तो 190 करोड़ रुपए ज्यादा मिले
अप्रैल माह में पिछले साल की तुलना में राज्य सरकार को 16% ज्यादा राजस्व मिला

गुरुदत्त तिवारी | भोपाल

दामों में आ रही बेतहाशा तेजी के चलते मप्र सरकार को टैक्स घटाने के बाद भी पेट्रोल-डीजल से इस बार 190 करोड़ रुपए ज्यादा मिल गए। अक्टूबर में टैक्स घटाते समय राज्य सरकार ने राजस्व में 1000 करोड़ रुपए की कमी आने का अनुमान लगाया था। जिस तरह से रोजाना पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं। उस आधार पर राज्य सरकार का टैक्स राजस्व जारी वर्ष में एक नए उच्चांक तक पहुंच सकता है। केवल अप्रैल माह की बात करें तो राज्य सरकार को राज्य को पिछले साल से 16 फीसदी ज्यादा राजस्व मिला है।

महाराष्ट्र के बाद पेट्रोल पर सबसे ज्यादा टैक्स मप्र में, डीजल महाराष्ट्र से भी महंगा

38.76

महाराष्ट्र

पेट्रोल पर किस राज्य में कितना टैक्स

36.14

मध्यप्रदेश

25.44

गुजरात

मांग... बढ़ते दामों के अनुपात में टैक्स घटाए सरकार

26.99

छत्तीसगढ़

जानकारों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम घट रहे थे, तब राज्य सरकार ने अपनी टैक्स से घटी आय को बढ़ाने के लिए पेट्रोल-डीजल पर कई बार टैक्स बढ़ाया। साथ ही एडिशनल ड्यूटी लगाई। ऐसे में जब दाम घट रहे हैं तो उसे उसी अनुपात में इन पर टैक्स घटाना चाहिए।

1 जनवरी, 18 से अब तक डीजल की कीमतों में 13.25 फीसदी का इजाफा देखने को मिला। इसके दाम साल की शुरुआत में 62.37 रुपए प्रति लीटर थे, जो अब बढ़कर 70.64 रुपए पर चले गए।

30.86

राजस्थान

डीजल पर किस राज्य में कितना टैक्स

25.53

गुजरात

25.79

छत्तीसगढ़

डीजल 13.25 % बढ़ा

21.21

महाराष्ट्र

24.24

राजस्थान

23.22

मध्यप्रदेश

मप्र में इस तरह बढ़ा राजस्व

वर्ष राजस्व बढ़ोतरी

2014-15 6832

2015-16 7631 11.69

2016-17 9160 20.04

2017-18 9350 02.07

राजस्व - तीन साल में मप्र सरकार का पेट्रो राजस्व 36 फीसदी तक बढ़ चुका है। 2014-15 में यह 6832 करोड़ था, अब बढ़कर 9350 करोड़ है।

1 जनवरी, 18 से अब तक पेट्रोल के दामों में 7.54 फीसदी की बढ़ोतरी आई। पहले दाम 74.90 रुपए प्रति लीटर थे, जो अब बढ़कर 81.23 रुपए तक पहुंच चुके हैं।

पेट्रोल 8.45 % बढ़ा

नए साल में अब तक कच्चा तेल 30% महंगा

कच्चे तेल के दामों में तेजी का सिलसिला बरकरार है। नए साल में अब तक इसके दामों में 17.14 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जनवरी माह में इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत 3,982 रुपए प्रति बैरल थी। मई-18 तक यह बढ़कर 4,516 रुपए प्रति बैरल हो चुकी है। यह तब का स्तर है, जब कच्चे तेल का भाव 68 डॉलर प्रति बैरल था। मौजूदा समय में कच्चे तेल के दाम 76.43 डॉलर प्रति बैरल हो चुके हैं। डॉलर का एक्सचेंज रेट 67.79 रुपए रहा। इस आधार पर अगर कच्चे तेल के दाम का मूल्यांकन भारतीय मुद्रा में होगा तो यह 5181 रुपए प्रति बैरल होगा। इस आधार पर कच्चा तेल वर्ष-18 में अब तक 30 फीसदी तक बढ़ चुका है। केवल एक मई से अब तक दाम 14 फीसदी तक बढ़े हैं। तेल कंपनियां 4,516 रुपए प्रति बैरल के आधार पर दामों का निर्धारण कर चुकी हैं।

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पेट्रोल-डीजल से सरकार को एक हजार करोड़ आय घटने का अनुमान था, दाम बढ़े तो 190 करोड़ रुपए ज्यादा मिले
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