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असनानी से मिली 1 करोड़ की ज्वेलरी, 50 लाख नकद

असनानी ग्रुप के यहां आयकर छापे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। विभाग को असनानी के घर से 1 करोड़ रुपए से अधिक की...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:35 AM IST
असनानी ग्रुप के यहां आयकर छापे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। विभाग को असनानी के घर से 1 करोड़ रुपए से अधिक की ज्वेलरी और 50 लाख नकद मिले हैं। ग्रुप के इंदौर के हवाला रेकेटियर और बोगस कंपनी बनाने में माहिर शरद दरक से नजदीकी कारोबारी रिश्तों का खुलासा हुआ है। दरक ने असनानी के कहने पर कई शैल कंपनियां बनाई। यह कंपनियां असनानी की काली कमाई छुपाने का जरिया थी। इन कंपनियों के लिए असनानी ने करोड़ों रुपए के लेन-देन किए। सूत्रों ने बताया कि बोगस कंपनियों की जांच में विभाग कार्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) की भी मदद लेगा। इसके जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि यह कंपनियां कितने सालों से काम कर रहीं थी। यह किस काम के लिए गठित की गईं। इनके जरिए अब तक कितना कारोबार किया गया। बताया जा रहा है कि कई कंपनियां 8-8 साल पुरानी हैं। इसके साथ ही यह बताया गया है कि असनानी की लेंड होल्डिंग शहर में सबसे ज्यादा निकली है। शेष | पेज 13 पर









ताजा जांच के बाद विभाग ने आशंका जताई है कि टैक्स चारी का आंकड़ा 100 करोड़ रुपए तक भी पहुंच सकता है। विभाग इसे अपनी सबसे बड़ी सर्च में से एक मान रहा है। विभाग को अाशंका है कि असनानी की विशाल लेंड होल्डिंग में कई निवेशक हो सकते हैं।

जांच का दायरा अब केवल दो राज्यों तक सीमित

आयकर विभाग की जांच का दायरा अब केवल मप्र और छत्तीसगढ़ तक ही सीमित है। कई राज्यों में चल रही वेरिफिकेशन सर्वे की कार्रवाई अब तक पूरी हो चुकी है। बेंगलुरु में दो जगह जारी कार्रवाई जारी है।

ये छापे की जद में

विसनप्रसाद असनानी: असनानी ग्रुप के प्रमुख। फ्लेगशिप कंपनी श्री गोविंद रियलिटी के मालिक।

ओमप्रकाश कृपलानी : विसनप्रसाद के सहयोगी। रियलिटी फर्म चलाते हैं।

मनोज बूलचंदानी और संजय बूलचंदानी : असनानी ग्रुप के सहयोगी। अलग रियलिटी फर्म चलाते हैं।

शरद दरक: ग्रुप से जड़े। इंदौर निवासी। हुंडी कारोबारी। इनकी आर्थिक गतिविधियां पहले भी चर्चा का केंद्र बनी।

जयंत और राजेंद्र भंडारी: यह दोनों भी रियल एस्टेट

100 से ज्यादा बैंक अकाउंट, दर्जनों लॉकर

आयकर विभाग को अब तक जांच में 100 से अधिक बैंक खातों की जानकारी मिली है। इसके साथ ही ग्रुप और इससे जुड़े लोगों के एक दर्जन से अधिक लॉकर का भी पता चला है।